Articles | Shri Shanker Kejriwal (Paropkar)

दीपावली और व्यापार

Shanker Kejriwal

दीपावली दीपों का त्यौहार है। महालक्ष्मी के पूजन का त्यौहार है। धन के देवता कुबेर और ऐश्वर्य की देवी लक्ष्मी की अभ्यर्थना का पावन अवसर है। व्यापार धनोपार्जन का साधन है। अत: व्यापार से जुड़े लोगों के लिए दीपावली पर्व का विशेष महत्व है।

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदीजी के आने के बाद व्यापार जगत में उम्मीदों का सैलाब आया। हर तरफ एक आशावादी माहौल बना और ये अपेक्षा की जाने लगी कि व्यापार उद्योग स्वर्णिम दौर में प्रवेश कर जाएगा। हालाँकि ये अपेक्षा व्यावहारिक नहीं थी और ऐसी प्रचंड अपेक्षाओं पर कोई भी सरकार खरी नहीं उतर सकती फिर भी प्रधानमंत्री ने कम समय में जो क्रांतिकारी कदम उठाए हैं उसका दूरगामी असर होगा। व्यापार जगत को थोड़ा सयंम रखने की आवश्यकता है। प्राय: हर मोर्चे पर सरकार ने सुधारात्मक और सकारात्मक कदम बढ़ाए हैं। टेक्सटाइल क्षेत्र पर सरकार का खास ध्यान है। विदेशी पूँजी निवेश से लेकर गुणवत्ता सुधारने, समय पर माल की आपूर्ति, बुनियादी ढांचे के विकास, बिजली-पानी, सड़क, बंदरगाह आदि की व्यवस्था के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं।

देश में सुरक्षा के माहौल में सुधार हुआ है। पूरे विश्व में भारत की प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई है तथा विश्व मामलों में अब हमारे देश की बातों को महत्व मिलने लगा है। हाल में पाकिस्तान में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक का मामला उदाहरण के तौर पर लिया जा सकता है। पहली बार ऐसा हुआ है कि विश्व के अनेक बड़े देशों ने इसकी सराहना करते हुए भारत के पक्ष में बयान दिए हैं। इससे निश्चय ही देश और सैनिकों के मनोबल में वृद्धि हुई है। अन्तरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में हमारी प्रगति उल्लेखनीय रही है। चन्द्रयान, मंगलयान और नित नए उपग्रहों के सफलतापूर्ण प्रक्षेपण ने हमें इस क्षेत्र में विश्व की अगली कतार में खड़ा कर दिया है।

जीएसटी पारित होना इस सरकार की आर्थिक मोर्चे पर प्रमुख उपलब्धि कही जाएगी। उम्मीद है आगामी अप्रैल से जीएसटी लागू हो जाएगा। इससे व्यापार और उद्योग को काफी सुगमता होगी। जीएसटी लागू करते समय सरकार को कपड़े की विशिष्ट स्थिति को ध्यान में रखते हुए इसे जीएसटी से मुक्त रखना चाहिए। भारत का वस्त्र व्यवसाय काफी विस्तृत और विकेन्द्रित है। इस व्यवसाय की जड़ें हजारों वर्ष पुरानी हैं। देश के औद्योगिक उत्पादन, रोजगार से सृजन एवं सरकारी राजस्व में इस व्यवसाय के योगदान से इसकी महत्ता रेखांकित की जा सकती है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए आज कपड़े पर किसी प्रकार का टैक्स नहीं है।

वर्तमान में कृषि के बाद टेक्सटाइल क्षेत्र सर्वाधिक रोजगार प्रदान करने वाला क्षेत्र है। करीब 40 मिलियन लोगों को प्रत्यक्ष और करीब 60 मिलियन लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्रदान करनेवाला टेक्सटाइल क्षेत्र फ़िलहाल मंदी की चपेट में है। मेरी माननीय प्रधानमंत्री महोदय से यह विनंती है कि चेक वापसी के मामलों में भी वर्षों लगते हैं तथा मामूली तकनीकि की वजहों से लेनदार के केस ख़ारिज हो जाते है। सिविल लेन – देन के मामलों में रकम वसूली की प्रक्रिया तो और भी कठिन है। सरकार को इस ओर ध्यान देकर अलग से कोर्ट्स की स्थापना करनी चाहिए जो सिर्फ व्यापारिक लेन – देन संबधी मामलों का त्वरित निपटारा करें। इससे न सिर्फ व्यापार के माहौल में सुधर होगा बल्कि व्यापरियों की रिस्क लेने की क्षमता बढ़ेगी और परिणाम स्वरुप अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी।

हमारा देश विविधताओं से भरा है। विभिन्न विचारधाराओं और संस्कृतियाँ का संगम है। आवश्यकता इस बात की है कि हम एक-दुसरे के विचारों, परम्पराओं का सम्मान करते हुए देश की प्रगति में भागीदार हों। माँ महालक्ष्मी से यही प्रार्थना है कि हमारे देश को फिर से एक बार विश्व का सिरमौर बना दें। दीपावली की शुभेच्छाएँ |

- शंकर केजरीवाल, पूर्व अध्यक्ष, हिन्दुस्तान चेम्बर ऑफ कॉमर्स