Bishwanath Bharatiya

Shri Bishwanath Bharatiya (CMD, D. Bimala Enterprises)

Bishwanath Bharatiya

शेखावटी अंचल की उद्यमी प्रसुता भूमि में जन्में शेखावटी के सपूत श्री विश्वनाथ भरतियाजी कपड़े के उत्पादन तथा निर्यात व्यवसाय से संबद्ध है। व्यवसाय के साथ-साथ अनेक सामाजिक, शैक्षणिक तथा धार्मिक संस्थाओं से जुड़कर वह इनके माध्यम से समाज को अपना महत्वपूर्ण योगदान प्रदान कर रहें है। स्व. श्री मगतुरामजी और स्व. श्रीमती धापा देवी की गृहस्थी की बगिया में 14 दिसंबर 1938 ई. को कोलकाता में जन्में श्री भरतियाजी शेखावटी के चुरू जिलांगर्त आने वाले सरदार शहर के मूल निवासी है। उनकी शिक्षा मैट्रीक तक हुई है। जीवकोपार्जन के सिलसिले में 1950 ई. में उनका मुम्बई आगमन हुआ।

श्री विश्वनाथ भरतियाजी के पिताजी ने 1925 ई. में कलकत्ता में कपड़े का व्यवसाय शुरू किया। व्यवसाय के सिलसिले में अक्सर उन्हें मुम्बई आना-जाना पड़ता था। इस बीच वह मुम्बई में आकर बस गये। स्कूली शिक्षा पूरी करने के पाश्चात् श्री विश्वनाथ भरतियाजी भी कपड़े के पैतृक व्यवसाय में पिताजी का हाथ बंटाने लगे। इस तरह कपड़े के व्यवसाय में उनका पदार्पण हुआ। कुछ समय पाश्चात् भरतियाजी के पिताजी ने 1952 में “विश्वनाथ गौरीशंकर” नाम से कपड़े की पेढ़ी शुरू की। इनके द्वारा वह कपड़े के आढ़तियों से कपड़ा खरीदकर व्यापारियों को आपुर्ति करने लगे। इस कार्य में भरतियाजी भी उनका हाथ बंटाने लगे। धीरे-धीरे पेढ़ी जम गयी और व्यवसाय जगत में अच्छी साख बन गयी।

श्री भरतियाजी तथा उनके पिताजी जिन कम्पनियों से कपड़े खरीदते थे वे कम्पनियाँ कपड़ों की बढ़ती मांग की आपुर्ति करने में असक्षम साबित हो रही थी। इस कारण भरतियाजी को माँग और आपुर्ति के बीच संतुलन बनाना मुश्किल हो रहा था। इस स्थिति से निपटने के लिए कर्मठ, मेहनती, कार्यकुशल, सकारात्मक सोच, अटल विश्वास तथा हिम्मत के धनी श्री भरतियाजी ने कपड़ा मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में कदम रखते हुए तिरूपुर (तमिलनाड़ु) में तीन यूनिटें लगयी। उनके पास कपड़े की इतनी अधिक माँग है जिसे पुरी करने के लिए वह 30 अन्य वेंडरों से भी कपड़ों का उत्पादन करवा रहें है। समय की माँग को देखते हुए दूरदर्शी श्री भरतीयाजी ने इस दौरान रेड़ीमेट गारमेंट व्यवसाय के क्षेत्र में प्रवेश करते हुए 24,000 वर्ग फूट क्षेत्रफल की एक जगह लेकर वहाँ कारखाना लगवाया, जहाँ कपड़ों की निटिंग, एब्रायडरी और सिलाई का काम होता है।

श्री भरतियाजी ने देखा कि स्थानीय बाजार काफी सीमित है और यह उनकी उच्च महत्वाकांक्षा तथा सपनों की उड़ान को पूरा करने के लिए अपर्याप्त है। इस बात को ध्यान में रखकर उन्होंने विदेशी बाजारों में संभवनाएं तलाशने की सोंची और “डी. बिमला एंटरप्रइजेज” नामक फर्म की स्थापना कर निर्यात क्षेत्र में कदम रखा। वर्तमान में इनके जरिये वह एशिया, यूरोप तथा खाड़ी देशों के अनेक देशों को कपड़े का निर्यात कर रहे है।

संयुक्त परिवार के प्रबल हिमायती श्री भरतियाजी के मतानुसार संयुक्त परिवार में व्यक्ति खुद को खुशहाल व सुरक्षित समझता है साथ ही संयुक्त परिवार में हमें जीवन के उच्च आदर्श और संस्कार प्राप्त होते है और हम बड़ों का आदर तथा मान-सम्मान करना सीखते है। संयुक्त परिवार में रहने से हमें सामाजिकता का ठीक तरह सो बोध होता है। इसके उलट एकल परिवार में कई बार कई बार जीवन नीरस हो जाता है क्योंकि वहाँ तन्हाई महसूस होती है। जिंदगी के बारे में मार्गदर्शन करने तथा सामाजिकता का ज्ञान प्रदान करने में बड़े-बुजुर्ग हमारे साथ नहीं होते। इससे एकल परिवार में जन्म लेने वाले बच्चे भी बुरी तरह से प्रभावित होते है। संयुक्त परिवार की कमी को आज लोग विदेशों में भी महसूस करने लगे है। यही वजह है कि धीरे-धीरे आज वहाँ के लोग भी संयुक्त परिवार की ओर उन्मुख हो रहे है।

व्यवसाय के तमाम व्यस्तताओं के बावजूद वह अपने सामाजिक सरोकारों को कभी विस्मृत नहीं कर पाये। इनका निर्वाहन भी वह पुरी शिद्दत तथा समर्पण भाव से करते है। समाज सेवा के गुण श्री भरतियाजी को अपने पिताजी के विरासत में प्राप्त हुए है। उनके पिताजी भी व्यवसाय के बीच समय निकालकर अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वाहन बाखुबी करते है। उनके सामाजिक कार्यों का भरतियाजी पर गहरा प्रभाव पड़ा और इस ओर उनका झुकाव हुआ। पिछले 40 वर्षों से श्री भरतियाजी विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक, सास्कृतिक तथा धर्मादा संस्थाओं के साथ जुड़कर अपने दायित्वों का निर्वाहन भलीभाँति कर रहे है। उनके तीनों पुत्र श्री अनिल जी भरतिया, श्री सुरेश जी भरतिया व श्री गिरधारी जी भरतिया भी एक साथ हिल-मिलकर रहते है और आपस में एक-दुसरे की राय का सम्मान करते हुए व्यवसाय में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाहन कर रहे है।

श्री भरतियाजी हिन्दुस्तान चेम्बर ऑफ कॉमर्स (मुम्बई), परमार्थ सेवा समिति (मुम्बई), अग्रवाल सामुहिक विवाह (मुम्बई), श्रीहरि सत्संग समिति (मुम्बई), ढांढन सेवा समिति (मुम्बई), अग्रोहा विकास ट्रस्ट (मुम्बई), सरदार शहर नागरिक परिषद, अग्रवाल विकास ट्रस्ट (सूरत), भारत मर्चेंट चेंबर (मुम्बई), फ्रेंड्स ऑफ ट्राइबल सोसाइटी (मुम्बई), एच.वी.बी. एकेडमी (मुम्बई), परोपकार (मुम्बई), राजस्थान कला मंदिर (मुम्बई), साहित्य कला मंच (मुम्बई), संगीत कला मंदिर (मुम्बई), कल्याण अरोग्य सदन (सीकर), पीपल्स वेलफेयर सोसाइटी (सीकर), श्री अग्रसेन सेवा निधि (सरदार शहर), स्वामी विश्वात्मानंद सद्भावना चैरिटेबल ट्रस्ट (जम्मू एड़ं काश्मीर) सहित कई अन्य संस्थाओं से विभिन्न पदों पर सक्रिय तौर पर जुड़े हुए है। गरीब कन्याओं के विवाह में मदद करना, गोसेवा करना, स्कूल भवन का निर्माण, छात्रों को पुस्तकें एवं छात्रवृति प्रदान करना, धर्मशाला आदि का निर्माण करना श्री भरतियाजी की प्रमुख रूचियों में शामिल है। वह सदैव जनसेवी कार्यों को प्रमुखता देते है।


Biography

Basic Info…
Name : Shri Bishwanath Bharatiya
Born : 14 Dec. 1938
Education : Metrics
Profession : Business

Family Member Info…
Father : Late shri Magturam Bhartiya
Mother : Late Smt. Dhapu Devi

Wife : Smt. Bimala Devi

Sons & Daughters in Law:
Shri Anil Bhartiya -
Shri Suresh Bhartiya -
Shri Girdhari Bhartiya -

Daughters & Son in Law :
Smt.
Smt.

Grand Children:


Organization …
CMD, D. Bimala Enterprises
CMD, Vishwanath Gourishanker

Related Society & Trust …
Member
• Hindustan Chamber of Commerces, Mumbai
• Bharat Merchant Chamber, Mumbai
• Shri Hari Satsang Samiti, Mumbai
• Parmarth Seva Samiti, Mumbai
• Paropkar, Mumbai
• Agrawal Samuhik Vivah, Mumbai
• Agroha Vikas Trust, Mumbai
• Sahitya Kala Munch, Mumbai
• Sangeet Kala Mandir, Mumbai
• Dhadhan Seva Samiti, Mumbai
• Shardar Shehar Nagrik Parishad, Mumbai
• H.V.B. Academy, Mumbai
• Rajasthan Kala Mandir, Mumbai
• Kalyan Arogya Sadan, Sikar
• Peoples Welfares Society, Sikar
• Agrawal Vikas Trust, Surat

Related Location…
Native : Sardar Shaher, Rajasthan
Born : Kolkata, West Bengal
Education: Kolkata, West Bengal
Work Area : Mumbai, Maharashtra

Get In Contact
Address :
M/S D. Bimala Enterprices, C. D. House, 126, Mathuradas Mill Compound, N. M. Joshi Marg, Lower Parel, Mumbai – 400013

Tel : +91 - 022 - 24983643
Email: dbimala@mtnl.net.in


श्री विश्वनाथ भरतिया के जीवन के कुछ अनमोल यादगार पल की चित्रित झलकियाँ