Madanlal Rathi

Shri Madanlal Rathi (CMD, Eastern Petroleum)

Madanlal Rathi

आध्यात्म, शिक्षा व सहयोग के प्रतिमुर्ति श्री मदनलालजी राठी का जन्म 1941 में राजस्थान के फालोदी में प्रसिद्ध व्यवसायी व समाजसेवी श्री हस्तीमलजी राठी के घर में हुआ। आप मात्र 13 वर्ष की अल्पायु में ही शिक्षार्थ मुम्बई आये और बी.कॉम तक की पढ़ाई पुरी किया। तत्पाश्चात् आप मुम्बई में ही पेट्रोलियम प्रोडक्ट, लूब्रिकेन्ट्स और ग्रीसेस के निर्माण क्षेत्र में कदम रखा, जिनका उपयोग खासकर के सौन्दर्य प्रसाधन तथा दवा आदि व्यवसाय क्षेत्र में किया जाता है। अपनी सुझ-बूझ, मेहनत व लगन से आपने इस व्यवसाय को दिन-प्रतिदिन नित्य नई उँचाईयों तक पहुँचाया। वर्तमान में आपकी यह कम्पनी अपने क्षेत्र की शीर्ष कम्पनियों में शामिल है।

व्यवसाय के साथ-साथ आपने अपने सामाजिक दायित्वों को भी सदैव अपनी प्राथमिक सुची में रखा। जब भी, जहाँ भी आपनी जरूरत पड़ी, आप सदैव अग्रीम पंक्ति में तन-मन-धन के साथ खड़े पाये गये। इसकी शुरूआत आपने महेश्वरी प्रगती मंड़ल के साथ जुडकर किया। आप इस संस्था के ट्रस्टी के साथ ही शिक्षा तथा चिकित्सा कार्यों के संरक्षक भी रह चुके है। इस संस्था के माध्यम से आपने मुम्बई के घाटकोपर में एक होमियोपैथिक क्लिनिक की शुरूआत किया, जहाँ शुल्क के नाम पर मात्र एक रूपये की औपचारिक शुल्क मरीजो से लेकर उनका पुरा उपचार किया जाता है। पिछले 30 वर्षों में इस सुविधा का लाभ लाखों लोगों ने उठाया। इस कार्यक्रम की लोकप्रियता व उपयोगिता का अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि शुल्क के एक-एक रूपये सें ही संस्थान के पास लाखो रूपये की फंड जमा हो गया।

महेश्वरी प्रगती मंडल के साथ ही आप अन्य कई संस्थाओं के साथ भी जुड़कर कार्य कर रहें हैं। इन संस्थानों में श्री हरि सत्संग समिति, परमार्थ सेवा समिति, पई संस्थान स्कूल तथा हाई स्कूल सह कॉलेज (जलाम्ब, खमगाँव के पास, महाराष्ट्र), आदर्श विद्या मंदिर स्कूल (रामदेवरा, राजस्थान) तथा दादाजी नेत्रालय (खांडवा, मध्यप्रदेश) आदि प्रमुख है। “श्री जगतगुरू वल्लभाचार्य चेरेटेबल ट्रस्ट, घाटकोपर” के माध्यम से इन्द्रावती जी के नेतृत्व में आप 150 से 200 जरूरतमंद परिवारों के बीच ‘पूजा जीजी फूडग्रेन पैकेट’ का वितरण प्रति माह करवाते आ रहे है। पूजा जीजी (पूजा किरीट भाई जी) चारधाम यात्रा, बृज परिक्रमा, भागवत सप्ताह सहित विभिन्न धार्मिक आयोजन के साथ जुड़ी हुई हैं। वृदांवन, जैतपुरा सहित कई संस्थानों के साथ भी यह अच्छी तरह से जुड़कर कार्य कर रहीं है। राठीजी इन संस्थानों के साथ ही नाथद्वारा टेम्पल बोर्ड के साथ भी अच्छी तरह से जुड़े हैं। इनके द्वारा आयोजित लगभग सभी कार्यक्रमों में उपस्थित रहकर अपना सहयोग करते रहते है। परम पूज्य डोगरे महाराज के आशिर्वाद से आपने खंडवा, महाराष्ट्र में आयोजित कथा सह मेडिकल कैम्प में प्रतिदिन दस हजार लोगों के लिए आपने प्रसाद की व्यवस्था व वितरण किया।

परमार्थ सेवा समिति, मुम्बई के आप ट्रस्टी तथा पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके है। इस संस्था द्वारा प्रतिवर्ष सालासार, राजस्थान में हनुमान जयंति का आयोजन किया जाता है। इस आयोजन में आप सक्रिय रूप से जुड़कर अपना भरपूर सहयोग करते आ रहें है। साथ ही इस संस्था की ओर से बच्चों तथा बुजुर्गों हेतु मुम्बई, नाथद्वारा, चित्रकुट, ऋषिकेश सहित विभिन्न भागों में समय-समय पर विभिन्न मेडिकल कैम्पों का आयोजन भी किया जाता है। इन कैम्पों के सफल आयोजन में आपकी भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण होती है। श्रीहरि सत्संग समिति, मुम्बई के भी आप ट्रस्टी तथा पूर्वी मुम्बई क्षेत्र के पूर्व अध्यक्ष रह चुके है।

महाराष्ट्र के खमगाँव के पास जलाम्ब में पई संस्थान स्कूल तथा हाई स्कूल सह कॉलेज है, जिसे आपके पिताजी श्री हस्तीमलजी राठी द्वारा विकसित किया गया। इस संस्थान में आस-पास के 18 से अधिक छोटे-छोटे गाँवों से लगभग एक हजार गरीब बच्चे पढ़ने आते हैं। आप इसके ट्रस्टी है और आपके सहयोग से इसका संचालन किया जा रहा है। इसके साथ ही आप आदर्श विद्यामंदिर द्वारा संचालित रामदेवरा स्कूल, राजस्थान के साथ भी आप करीब से जुड़े हुए हैं। इस स्कूल में लगभग 500 से अधिक गरीब बच्चों को शिक्षा दी जा रही है। राजस्थानी सम्मेलन, मुम्बई के तत्वाधान में संचालित चार्टेड़ आकांउटेन्ट छात्रों हेतु छात्रावास का निर्माण किया गया है। इस छात्रावास में कमरे के निर्माण हेतु आपने भी अपना आर्थिक सहयोग प्रदान किया है। यह सब गरीब बच्चों की शिक्षा के प्रति आपकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस प्रतिबद्धता को आप अपने घरेलु ट्रस्ट श्री सुन्दरदेवी हस्तीमल राठी चेरेटेबल ट्रस्ट तथा सीतादेवी मोतीलाल चेरेटेबल ट्रस्ट के माध्यम से साकार कर रहें हैं। इन संस्थान के द्वारा गरीब मेधावी बच्चों को अनुदान व सहयोग के साथ ही गरीब, जरूरतमंद लोगों को गंभीर बीमारीयों में आर्थिक व चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराते है। खासकर कैंसर जैसे गंभीर मरीजों के परिवार के ठहरने हेतु टाटा हॉस्पीटल, मुम्बई के पास सस्ती दर पर आवास की सुविधा भी उपलब्ध करवा रहें है।

स्वास्थ्य, शिक्षा के साथ ही आपने अन्न-क्षेत्र में भी काफी कार्य किया है। नाशिक, उजैन सहित विभिन्न स्थानों पर आयोजित होने वाले कुंभ मेले में 37 दिनों तक लागातार 3000 लोगों के प्रतिदिन अन्न दान किया। मई 1989 में पोकरण, राजस्थान में पाँच हजार पंड़ितों के ब्रह्मभोज का आयोजन आपने किया। भूकम्प, बाढ़ या किसी भी प्राकृतिक आपदा के समय बढ़-चढ़ कर लोगों के सहयोग के लिये आप सदैव तत्पर रहते है। खांडवा, मध्यप्रदेश में स्थित “दादाजी नेत्रालय” के आप ट्रस्टी एवं संस्थापक सदस्यों में से एक है। इस अस्पताल में नेत्र चिकित्सा के साथ समान्य रोगों की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है।

सामाजिक कार्यों के साथ ही धर्म के प्रति भी आपकी अपार निष्ठा है, जिसकी झलक हमें आपके जीवन में झांकने से साक्षात् दिखती है। विविध धार्मिक स्थलों जैसे – नाथद्वारा, सोमनाथ, द्वारका, रामेश्वरम्, जगन्नाथ पुरी, बद्रीनाथ, त्र्बंकेश्वर आदि में भी आपकी गहरी आस्था रहीं है। जब भी आपको अवसर मिला इन धार्मिक स्थलों पर जाकर कुछ दिन का निवास कर अध्यात्मिक आंनद का लाभ उठाते रहते हैं। श्रीमद्भागवत कथा, श्रीमद्भागवत सप्ताह, चारधाम यात्रा या विविध प्रकार के धार्मिक आयोजन हो, इन सब में आपकी उपस्थिति व तन-मन-धन का सहयोग सदैव सराहनीय व अतुल्यनीय रहा है। श्रीमती पूजा किरीट भाई जी के साथ मिलकर विविध आयोजनों को साकार रूप देते आ रहें है। पूजा जीजी व भूपेन्द्र भाई पांडेय जी के सानिध्य में मुम्बई के क्रॉस मैदान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह में प्रतिदिन लोखों लोगों ने आकर पूण्य लाभ उठाये। पूज्य डोगरे जी महाराज के सानिध्य में खंडवा, मध्यप्रदेश में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में आपके द्वारा प्रतिदिन दस हजार लोगों के बीच में प्रसाद का वितरण किया गया। बालकृष्णा निधी ट्रस्ट व पूजा जीजी के सानिध्य में आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह में 2108 पंडितों को आमंत्रित किया किया। इन सब का सत्कार आपके द्वारा किया गया। ऋषिकेश के परम पू. मुनीश्री जी, कोलकत्ता के बालव्यास श्रीकांत जी व्यास जी सहित विविध आचार्यों व गुरूदेवों के सानिध्य में आयोजित विविध धार्मिक कार्यों में आपकी आपार निष्ठा व श्रद्धा है। आप इनके आयोजनों में तन-मन-धन के साथ सदैव अग्रिम पंक्ति में देखे जाते है।

श्री मदनलालजी राठी का संम्पूर्ण व्यक्तित्व आज समाज के लिए अनुकरणीय है। खासकर युवाओं के लिए, जो पाश्चात् संस्कृति से प्रभावित होकर अपनी गौरवशाली भारतीय संस्कृति दूर होते जा रहें है। व्यसायिक सफलता के शीर्ष पर पहुंचकर भी मानवता के प्रति अपनी सामाजिक दायित्वों न भूलनेवाले इस अद्वितीय मानस से सभी को सीख लेनी चाहिए, जिससे मानवता का दरिया निरंतर प्रवाहमय रहें।


Biography

Basic Info…
Name: Shri Madanlal Rathi
Born: 20 December 1941
Education: B.Com (Mumbai)
Profession: Business

Family Member Info…
Father : Late Shri Hastimal Ji Rathi
Mother : Late Smt. Sunderdevi Devi

Wife: Smt. Tara Devi
Son : Mr. Rajesh M. Rathi

Organization …
CMD, Eastern Petroleum, Mumbai

Related Society & Trust …
Founder Member :
DADAJI NETRALAY(Eyes hospital) at Khandwaha, MADHYA PRADESH

Trustee & Past President :
Parmarth Seva Samiti, Mumbai
Hari Satsang Samati (Eastern Mumbai)
Mundra Hostel – Mulund, Mumbai

Trustee :
Maheshwari Pragati Mandal, Ghatkopar
Sansata School & High School with Collage – at Jalamb Near Khamgaon – Maharashtra

Private Trust :
Shri Sunderdevi Hastimal Rathi Ch. Trust
Sitadevi Motilal Charitable Trust

Member :
Shri Jagath Guru Vallabha Charya Charitable Trust – Ghatkopar
Adarsh Vidya Mandir - Ramdeora School at Rajasthan

Related Location…
Birth: Phalodi at Rajasthan, India
Education: Phalodi at Rajasthan, India
Work Area: Mumbai at Maharastra, India

Get In Contact:
Address: 213, Swastik Chambers, Near Kurla station, Sion Trombay Raod, Chembur, Mumbai 4000 71

Tel: +91 - (022) - 2529 9990
Email: office@eastto.in
Web: www.eastto.in


श्री मदनलालजी राठी के जीवन के कुछ अनमोल यादगार पल की चित्रित झलकियाँ