Pragati Ajmera

Smt. Pragati Ajmera (President, Pahchaan Pragati Foundation, Mumbai)

“आदर, सम्मान व घर की अच्छी परम्पराओं का पालन करना, हर महिला का कर्तव्य है, लेकिन उसी के साथ थोड़ा बाहर निकलकर अपने आप को सक्षम करना व अपने व्यक्तित्व का विकास करना भी उतना ही जरूरी है। क्योकि वसुधा की महान धरोहर मानव परसनॉलिटी में ही छुपी है।” इस उक्ति के साथ समयबद्ध कदमताल करते हुए मारवाड़ी तथा जैन समाज के उच्च व कुलीनवर्गीय महिलाओं को घर की बंद चारदीवारी से निकाल कर एक मंच पर लाकर न सिर्फ खड़ा किया, बल्कि उनके अंदर की छुपी प्रतिभा को विकसीत कर उनमें आत्मविश्वास का संचार करनेवाली श्रीमती प्रगति अशोक अजमेरा आधुनिक नारी की अद्वितीय मिसाल प्रस्तुत करतीं है।

श्रीमती प्रगति अशोक अजमेरा का जन्म 16 सितंबर 1954 को हुआ। आपके पिताजी का नाम स्व. श्री शंकरलाल जी कासलीवाल तथा माताजी का नाम श्रीमती चंद्रावती कासलीवाल है। 5 वर्ष की आयु से लेकर शादी होने तक मुम्बई का पेडर रोड़ स्थित विशाल फ्लैट आपका स्थाई निवास बना। आपने यहां के बिरला बालिका विद्यालय से प्रारंभिक से लेकर हाई स्कूल तक की शिक्षा ग्रहण किया। तत्पाश्चात् चर्चगेट स्थित निर्मला निकेतन कॉलेज से होम साइंस में डिप्लोमा की डिग्री हासिल किया। सन् 1977 में इंदौर (मध्य प्रदेश) के सुप्रसिद्ध अभियंता, सिविल कंट्रेक्टर एवं श्री दिगंबर जैन उदासीन सेवाश्रम के ट्रस्टी श्री माणिकचंद अजमेरा के सुपुत्र श्री अशोक जी अजमेरा के साथ आपका विवाह संम्पन हुआ।

श्री माणिकचंद जी अजमेरा का परिवार मूलतः जयपुर, राजस्थान का रहनेवाला है और आज भी जयपुर के दीवान शिवजीलाल के रास्ता, किशनपोल बाजार में उनकी पुरानी हवेली है, जो संघीयों की हवेली के नाम से जानी जाती है। आपके पति श्री अशोक जी अजमेरा इंदौर से कॉमर्स में मेरिट लिस्ट के साथ ग्रेजुएट होने के बाद 1973 में मुम्बई आ गये और यहां के प्रसिद्ध सी.ए. फर्म ‘नानुभाई एंड कम्पनी’ के साथ जुड़कर आर्टिकलशीप का तीन वर्ष का गहन प्रशिक्षण लिया। इस दौरान ऑडिट, टेक्सेशन आदि की भरपूर प्रैक्टिस के साथ ही विभिन्न व्यवसायिक, मैन्युफैक्चरिंग, इंश्योरेंस, बैकिंग एवं इनवेस्टमेंट क्षेत्र की 50 से अधिक बड़ी कंपनियों का ऑडिट किया। इस दौरान कई अवसरों पर अपनी टीम का नेतृत्व भी किया। शादी के समय श्री अशोक जी अजमेरा मुम्बई में रहकर एक मेधावी छात्र के रूप में चार्टेड़ अकांउटेंट (सी.ए.) की पढ़ाई पूरा कर रहे थे।

शादी के पाश्चात् आप श्री अशोक जी अजमेरा के साथ जुहूलेन, मुम्बई स्थित निवास में आकर रहने लगी। आपके कदम उनके लिये खुशियों भरा सौगात लेकर आया। शादी के कुछ ही महिने पाश्चात् श्री अशोक जी अजमेरा चार्टेड़ अकांउटेंट (सी.ए.) की परीक्षा में पास हो गये। साथ ही अजमेरा परिवार को सन् 1978 में प्रथम पुत्रधन अंकित अजमेरा के रूप में तथा सन् 1981 में दूसरा पुत्रधन अनुज अजमेरा के रूप में प्राप्त हुआ। श्री अशोक जी अजमेरा ने 1981 में ही अपना खुद का चार्टेर्ड एकाउंटेट्स फर्म ‘में. अजमेरा एंड एसोसिएट्स’ के नाम से शुरू किया जो 1995 आते-आते ‘अजकॉन ग्लोबल सर्विसेस लि.’ के नाम से प्रसिद्ध हो गया और लोगों को बड़े पैमाने पर अपनी सेवाएं देने लगी। प्रतिभूति के क्षेत्र में यह कंपनी देश भर में फैले अपने मजबूत ग्राहक आधार के कारण आज हजार करोड़ रुपये से अधिक का करोबार कर रही है। देश के लगभग सभी प्रमुख बैंकों जैसे - “बैंक ऑफ बड़ौदा”, “बैंक ऑफ इंडिया”, “पंजाब नेशनल बैंक”, “इंडियन बैंक”, “आई.डी.बी.आई” आदि के साथ पैनल पर है। पति के साथ कंधे से कंधे मिलाकर साथ चलते हुए वर्तमान में आप “अजकॉन ग्रुप” की कम्पनियों में डायरेक्टर के रूप में उनके व्यावसायिक कार्यों में अपना सहयोग दे रहीं है।

पुत्र अंकित तथा अनुज के कुछ बड़े होने पर आप अपने पति के व्यावसायिक कार्यों के साथ-साथ सामाजिक, धार्मिक तथा सांस्कृतिक कार्यों में भी अपनी सक्रिय भूमिका निभाने लगी। वैसे से तो आपका पूरा परिवार प्रारंभ से ही सामाजिक, धार्मिक तथा सांस्कृतिक कार्यों से जुड़ा रहा है। आपके 90 वर्षीय ससुरजी श्री माणिकचंद जी अजमेरा इंदौर के सुप्रसिद्ध अभियंता, सिविल कंट्रेक्टर के साथ-साथ “श्री दिगंबर जैन उदासिन सेवाश्रम” के ट्रस्टी भी है। जैन समाज में उनके उलेख्यनीय योगदान के लिये उन्हें आदरपूर्ण स्थान के साथ ही भामाशाह जैसे सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है। आपके पति सात भाई है और वे सभी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में सफलता के शीर्ष पर विराजमान होने के साथ ही समाजिक, धार्मिक तथा सांस्कृतिक कार्यों में भी अपनी-अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आप अपने पति के साथ जूनियर चेम्बर से जुड़कर सामाजिक तथा व्यक्तिगत विकास कार्यों में हिस्सा लेने लगी। 1988-89 में नार्थ बॉम्बे जूनियर चेम्बर (महिला) की आप अध्यक्षा बनी। इस दौरान आपने पूरे महाराष्ट्र में कार्य करते हुए संस्था के 72 क्लबों में भाग लिया। मुम्बई के जुहुलेन से लेकर डी.एन. नगर तक के झूग्गी-झोपड़ी में रहनेवाली अशिक्षित, गरीब, असहाय महिलाओं के लिये अनेक सहायता कार्यक्रमों का सफल संचालन कर उन्हें स्वावलंबी बनाने का महत्वपूर्ण कार्य आपने किया। यह उलेख्यनीय कार्यों के लिए आपको कालीकट में “नेशनल अवार्ड़” से भी सम्मानित किया गया। जूनियर चेम्बर के बाद आप अपने पति के साथ लायंस क्लब से जुड़ी। 8 वर्षों तक लायंस कल्ब से जुडकर कार्य करने के पाश्चात् अपने पति के साथ रोटरी क्लब को ज्वांइन किया।

समय के साथ बच्चों के बड़े होने पर आपने बड़े पुत्र अंकित अजमेरा, जिसने यू.के. से एम.बी.ए. की शिक्षा हासिल की है, की शादी उच्च शिक्षित सी.ए. कन्या पल्लवी के साथ सन् 2004 में कर दी। इससे आपको दो पौत्रियां आंचल और नविया की प्राप्ति हुई। सन् 2007 में अनुज अजमेरा, जो आई.टी. प्रोफेशनल है, कि शादी उच्च शिक्षित एम.बी.ए. कन्या शिखा से किया, जिससे आपको पौत्र अंश की प्राप्ति हुआ। आपके दोनों पुत्र ‘अजकॉन ग्लोबल सर्विसेस लि.’ कम्पनी के एक्जीक्यूटीव डायरेक्टर्स हैं और कम्पनी को आगे बढ़ाने में मदद कर रहें हैं। साथ ही पारिवारिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए विभिन्न सामाजिक, धार्मिक तथा सांस्कृतिक संस्थाओं के साथ जुड़कर कार्य कर रहें हैं। वर्तमान में आपके पुत्र अंकित अजमेरा लायंस क्लब ऑफ जुहू में सक्रिय सदस्य है। पुत्र अनुज अजमेरा रोटरी क्लब के साथ जुड़कर सामाजिक कार्यों का विस्तार कर रहें है। आप वर्तमान में रोटरी क्लब ऑफ कांदीवली के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं।

योग्य, सुशील तथा दक्ष बहुओं के घर में आने के पाश्चात् घरेलु दायित्वों से मुक्त होकर आप समाज की महिलाओं के विकास की ओर अग्रसर हो गई। आपने सन् 2008 में “परिचय महिला सेवा संघ” की स्थापना की। आप इसके संस्थापक एवं ट्रस्टी है। इस संस्था का मुख्य उदेश्य महिलाओं का उत्थान करना है। आमतौर पर मारवाड़ी तथा जैन समाज की महिलाएं घरेलु चारदिवारी में ही सिमटकर रह जाती है। उनकी योग्यता तथा प्रतिभा घर के अंदर ही घूंटकर दम तोड़ देती है। आपने इस संस्था के माध्यम से घर की चारदिवारी में बंद महिलाओं को एक मंच प्रदान किया। उनको घर की बंद चारदिवारी से बाहर निकाला कर उनमें पुनः आत्मविश्वास का संचार किया। धीरे-धीरे संस्था के सदस्याओं में विश्वास पनपाता गया और कुछ कर दिखाने का जज्बा बना। संस्था के अंदर हर सदस्य को यहाँ पर अपने आप को विकसीत करने का पूरा मौका दिया जाता है। विभिन्न कार्यक्रमों के द्वारा संस्था की सदस्याओं को गाने का, डांस करने का, भाषण देने का, बड़े प्रोग्राम्स को मैनेज करने की ट्रेनिंग, अपने स्वास्थ्य का ध्यान, आध्यात्मिक ध्यान और समाजसेवा आदि विविध विषयों पर ट्रेनिंग दी जाती है। यह सब बहुत ही सहज तरीके से व बिना किसी दबाव के किया जाता है। आपका मानना है कि आदर, सम्मान व घर की अच्छी परंपराओं का पालन करना, हर महिला का कर्तव्य है, लेकिन उसी के साथ थोड़ा बाहर निकलकर अपने आप को सक्षम करना व अपने व्यक्तित्व का विकास करना भी उतना ही जरूरी है। आज इस संस्था में लगभग 250 महिलाएं सदस्य है और उनकी औसत आयु 55 वर्ष है। संस्था द्वारा प्रतिवर्ष “मिसेज परिचय” सहित 10 से 12 कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इनमें भाग लेनेवाली सभी सदस्याएं उच्च व कुलीन परिवार से होती है।

समाज के पिछड़े व गरीब वर्ग के लोगों की सहायता के लिये आपने पहचान प्रगती फाउंडेशन का गठन एक एन.जी.ओ. के रूप में किया जिसके कि आप संस्थापक अध्यक्ष हैं। इस संस्था का मुख्य उद्देश्य समाज की पिछड़े व गरीब वर्ग की महिलाओं व अन्य सदस्यों की शैक्षणिक, स्वास्थ्य व व्यवसायिक प्रशिक्षण के द्वारा प्रगति करना है। आपके साथ पुरा परिवार व समाज के कुछ प्रतिष्ठित महिलाएँ भी इस संस्था से जुड़े हुए है। इस संस्था का कार्य क्षेत्र मुम्बई में अंधेरी से लेकर बोरीवली तक रहने वाले पिछड़े वर्ग के सदस्यों की मदद करना है।

आपकी यह संस्था मुम्बई से सटे पालघर के तलासरी गाँव में स्कूली बच्चों के लिए भी पाठ्य सामाग्री, ड्रेस, स्कूल फीस सहित विविध साधन व सुविधाएं उपलब्ध करवा रहीं है। वहाँ के स्थानीय सरकारी स्कूल में एक लाइब्रेरी का भी निर्माण आपने करवाई हैं। मुम्बई के गोरेगाँव-मलाड (ईस्ट) में स्थित पठानवाड़ी के झुग्गी-झोपड़ी में रहनेवाले गरीब परिवार के बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सहित उनके घरेलु जरूरतों को पुरा करने में भी आप समय-समय पर सहयोग करती आ रहीं है। अब तक आपने हजारों परिवारों को इस तरह की सुविधा तथा सहायता पहुँचा चुकी है।

सामाजिक कार्यों के साथ-साथ धार्मिक कार्यों में भी आपकी गहरी रूची रहीं है। आपके ससुर जी श्री माणिकचंद अजमेर, दिगंबर जैन उदासिन श्राविकाश्रम, इंदौर के ट्रस्टी है। उनके द्वारा स्थापित धर्मवृक्ष को आपके पुरे परिवार द्वारा भरपूर संचित तथा संरक्षित किया जा रहा है। प्रतिवर्ष विभिन्न धार्मिक आयोजनों, यात्राओं तथा दिगंबर जैन मुनियों के दर्शन के माध्यम से इसका विस्तार हो रहा है। दिगंबर जैन मुनि परम पूज्य संत कुन्थुसागर जी महाराज साहेब की आपके पुरे परिवार पर असीम कृपा रही है। वे आपके परिवार के प्रमुख धर्मगुरू है। आपके परिवार की सुख, समृद्धि, शांति व विकास में उनका आशिर्वाद का अहम योगदान है। परम पूज्य संत कुन्थुसागर जी महाराज साहेब के परम शिष्य श्री निश्चयसागर जी महाराज का भी आपके परिवार पर असीम कृपा रही है। उनके सम्मान में आपके परिवार द्वारा “निश्चयगिरी तीर्थधाम” का विकास किया जा रहा है, जिसके प्रमुख ट्रस्टी आपके पुत्र श्री अनुज अजमेरा है।

श्रीमती प्रगति अशोक अजमेरा अपनी इस सफलता का सारा श्रेय प्रभू की असीम कृपा तथा अपने परिवार को देती है। खास कर श्री अशोक जी अजमेरा को जिन्होंने हर कदम पर उनका साथ व मार्गदर्शन किया है। अपने ससुरजी श्री माणिकचंद जी अजमेरा जो 90 वर्ष की उम्र में भी समाजिक, धार्मिक कार्यों में आज भी सक्रिय है, उनसे भी इन्हें कार्य करने की प्रेरणा तथा संबंल मिलती है। आप अजमेरा परिवार की एक सफल बहू बन सकी उसका श्रेय आप अपनी सासुजी स्व. श्रीमती कंचन देवी अजमेरा को देती हैं, जिन्होंने अपनी सूझ-बूझ से परिवार की सातों बहुओं को सही रूप से पारिवारिक सक्षमता की शिक्षा दी।

अपने सरल स्वाभाव व प्यार भरे व्यवहार के लिये आप अजमेरा परिवार के सभी बच्चों की चहेती चाची व बड़ी मम्मी हैं। अपने दोनों पुत्रों अंकित तथा अनुज के साथ दोनों पुत्र बहुओं को अपनी पारिवारिक विरासत को आगे बढ़ाते देख कर उन्हें प्रसन्नता होती है। आज के एकल पारिवारिक परिवेश में भी संयुक्त परिवार की परंपरा को कायम रखते हुए सफलता के उच्च सोपान पर बैठी श्रीमती प्रगति अजमेरा आधुनिक नारी की अनुपम मिसाल प्रस्तुत करती है।


Biography

Basic Info…
Name : Smt. Pragati Ajmera (Jain)
Born : 16 September 1954
Education : Diploma in Home Science
Profession : Directorship

Family Member Info…
Husband: Shri Ashok Ajmera (Jain)

Father in Law: Shri Manikchand Ji Ajmera
Mother in Law: Late Smt. Kanchan Devi

Father : Late Shri Shankarlal S. Kasliwal
Mother : Late Smt. Chandrawati Kasliwal

Sons :
Mr. Ankit Ajmera (MBA - UK)
Mr. Anuj Ajmera (I.T. Professional )

Daughters in Law :
Smt. Pallawi Ankit Ajmera (CA)
Smt. Shikha Anuj Ajmera (MBA)

Grand Children:
Aanchal, Naveya, Annsh

Organization …
Ajcon Groups of Companies (Director)

Related Society & Trust …
President :
Pahchan Pragati Foundation, Mumbai

Founder & Trustee:
Parichay Mahila Seva Sangh, Mumbai

Past-President :
• North Bombay Jsycees (Mahila)

Member:
• Lions Club of South Mumbai
• Rotary Club Of Bombay North

Related Location…
Born : Indore (M.P.)
Education: Mumbai, Maharastra, India
Work Area : Mumbai, Maharastra, India

Get In Contact
Address : 1001-1004, Atlanta Manor, Near Reliance Energy, W.E. Highway, Malad (East), Mumbai - 400 097

Tel : +91 - 98210 68453
Email: pragati@ajcon.net
Website :www.ajcononline.com
Website :www.pahchanpragati.org  

Ashok K. Ajmera


Pragati Ajmera with Rajasthan Siromani Award


श्रीमती प्रगति अशोक अजमेरा के जीवन के कुछ अनमोल यादगार पल की चित्रित झलकियाँ