Vishwanath Sachdev

Shri Vishwanath Sachdev (Editor - Navneet)

Vishwanath Sachdev

आज के इस दौर में जहाँ पत्रकारिता का व्यावसायीकरण हो गया है, वहीं कुछ ऐसे भी पत्रकार है, जो सादगी पूर्ण जीवन जीते हुए अपनी लेखनी से समाज व देश की सच्चाई को उजागर करने का कार्य बखूबी कर रहें है। ऐसे ही कलम के धनी वरिष्ठ पत्रकार व प्रतिष्ठित साहित्यिक मासिक पत्रिका “नवनीत” के संपादक श्री विश्वनाथ सचदेवजी हैं, जो “टाइम्स ऑफ इंड़िया” समूह के प्रतिष्ठित हिन्दी समाचार पत्र “नवभारत टाइम्स” के लगभग 20 वर्षों तक न केवल संपादक रहे बल्कि हिंदी पत्रकारिता को नई दिशा देने का कार्य भी किया है। केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित श्री विश्वनाथ सचदेव की विभिन्न रचनाएँ आज भी देश के कई प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाएँ, अलग-अलग भाषाओं में प्रकाशित कर अपने आप को गौरवांवित कर रहे हैं।

2 फरवरी 1942 को साहिवाल, पश्चिम पाकिस्तान में माताजी श्रीमती सीता देवी और पिताजी श्री जगन्नाथ सचदेव के घर आपका जन्म हुआ। 1947 में भारत विभाजन के समय पकिस्तान से आप सपरिवार भारत गये। राजस्थान के सिरोही में आपके परिवार का अस्थाई ठिकान बना। यहाँ आकर आपके पिताजी ने पंजाब नेशनल बैंक में नौकरी करने लगे। पिताजी के तबादले के साथ देश के विभिन्न शहरों में ठिकाना बनने लगा। सिरोही से ही आपने एस.एस.सी. तथा बीकानेर से बी.ए. की परीक्षा पास किया। राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर से अग्रेजी साहित्य में एम.ए. किया। इसके पाश्चात महाराष्ट्र के नागपुर से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर 1967 में “टाइम्स ऑफ इंड़िया” से इंटर्नशीप की। आपकी प्रतिभा व कार्यकुशलता को देखते हुए 1984 में “टाइम्स ऑफ इंड़िया” ने अपने प्रतिष्ठित दैनिक हिन्दी समाचार पत्र “नवभारत टाइम्स” का संपादक बनाया। आप 2003 तक “टाइम्स ऑफ इंड़िया” ग्रुप से जुड़े रहकर “नवभारत टाइम्स” के संपादक के रूप में कार्य करते रहें। इसी बीच आपको 5 वर्ष तक हिन्दी की प्रतिष्ठित मासिक पत्रिका “धर्मयुग” का संपादन करने का अतिरिक्त प्रभार मिला। 2005 से वर्तमान तक आप हिंदी विद्याभवन, मुम्बई द्वारा संचालित प्रतिष्ठित साहित्यिक मासिक पत्रिका “नवनीत” का संपादन कर रहें हैं।

पत्रकारिता में आपको बचपन से ही रूची रही है। बी.ए. की शिक्षा ग्रहण करने के दौरान ही आपने “वातायन” के नाम से एक साहित्यिक मासिक पत्रिका की शुरूआत किया। हलांकि शौकिया रूप में शुरू किया गया यह प्रयास, समय के साथ पेशा के रूप में आपकी स्थाई पहचान बन गई। देश के सबसे प्रतिष्ठित प्रतिष्ठित प्रकाशन ग्रुप “टाइम्स ऑफ इंड़िया” से जुड़कर धर्मयुग, सारिका तथा वर्तमान में नवनीत के माध्यम से इसका विस्तार करते आ रहें। पत्रकारिता की शुरूआती दौर में आपने देखा कि लगभग सभी पत्रकारिता तथा पत्रकारों के पास अपना एक मिशन होता था, जिसके ऊपर वे कार्य करते थे। उस समय काफी अच्छे पत्रकार होते थे, जो अपने सिद्धांतों के साथ समझौता नहीं करते थे। धर्मवीर भारती, अज्ञेय, रघुवीर सहाय जैसे पत्रकारों की रचनाएं लोग रूची के साथ पढ़ते थे। इन स्थापित पत्रकारों के बीच अपनी एक अलग पहचान बनना आपकी लेखन कला व पत्रकारिता कौशल को दर्शाती है। एक संपादक को तौर पर भी आपने अपना दृष्टिकोण सदैव संतुलित रखा। कभी भी अपने पेशे के साथ समझौता नहीं किया। आपने जो लिखा ईमानदारी के साथ सही लिखा। अपनी लेखन पर कभी भी व्यावसायिक पत्रकारिता को हावी होने नहीं दिया। आपने शुरूआत से ही व्यावसायिकता और पत्रकारिता में संतुलन रखने के साथ, एक-दूसरे के हितों का भी ध्यान रखकर चलते रहें। इस कारण आपका अपने ग्रुप के सभी सदस्यों के साथ बेहद ही आत्मीय संबंध रहा है।

पत्रकारिता के साथ-साथ लेखन में भी आपकी गहरी रूची रही है। कविता, लेख, अनुवाद इत्यादि आपके प्रिय विषय रहे है। आपके लेखन में सामाजिक, राजनीतिक, बुनियादी, धर्मनिर्पेक्षता, समाजवादी विचार, समानता जैसी विचारधारा एवं सोंच की प्राथमिकता रही है। कविता के रूप में “मैं गवाही देता हूँ”, “मैं जो हूँ” आदि कविता संग्रह का प्रकाशन हो चुका है। लेख संग्रह के रूप में “आधी सदी का फासला”, “सवालों के घेरे में”, “तटस्थाता के विरूद्ध” सहित कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुके हैं। “समता का दर्शन”, “विषमता”, “साहित्यकार नेहरू”, “गाँधी” आदि कई आपके द्वारा संपादित पुस्तकें भी बाजार में उपलब्ध हैं। “खबरों के आगे-पिछे” शीर्षक से आपके लेख आज भी देश के कई प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में विभिन्न भाषाओं में प्रकाशित होते हैं।

भारत सरकार, महाराष्ट्र साहित्य अकादमी, राजस्थान साहित्य अकादमी, उत्तर प्रदेश साहित्य अकादमी सहित अनेक संस्थाओं द्वारा आपको आपकी लेखन हेतु सम्मान व प्रशस्ति पत्र दिया गया है। मुम्बई की प्रमुख साहित्यिक संस्था “परिवार” की ओर से “लाईफ टाईम अचीवमेंट” सम्मान से भी आपको सम्मानित किया गया है। इसके अतिरिक्त अनेक संस्थाओं व संस्थानों द्वारा सम्मान के साथ मुख्य अतिथी, उद्घाटनकर्ता, संबोधनकर्ता आदि के रूप में आपकों मान, सम्मान तथा प्यार दिया जाता आ रहा है।


Biography

Basic Info…
Name: Shri Vishwanath Sachdev
Born: 2 February 1942
Education: M.A. (English), Journalism
Profession: Journalism

Family Member Info…
Father: Shri Jagnnath Ji Sachdev
Mother: Smt. Sita Devi

Wife: Smt. Veena Sachdev

Son & Daughter in Law:
Rahul - Anuja Sachdev

Daughter & Son-in-law:
Dr. Minal - Dr. Sandeep

Related Organization …
Editor :
Navneet - Hindi, Monthly Magazine

Ex-Editor :
Navbharat Times - Hindi, Daily Newspaper
Dharmyug - Hindi, Monthly Magazine

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Edited Books
Samata Ka Darshan, Vishamta, Sahityakar Nehru, Gandhi

Awards …
So Many Awards by Government of India, Maharashtra State Hindi Sahitya Academy, Rajasthan State Hindi Sahitya Academy, Uttar Pradesh State Hindi Sahitya Academy & Lifetime Achievements Award by Parivar, Mumbai

Related Location…
Birth: Sahiwal, West Pakistan
Education: Rajasthan & Maharashtra, India
Work Area: Mumbai, Maharashtra, India

Get In Contact:
Address : Bhartiya Vidhya Bhawan, 3rd Floor, K.M. Munshi Road, Near Willtion College, Charni Road, Mumbai - 400 007

Tel: + 91 - 9821046316
Email: vishwanath.sachdev@gmail.com


श्री विश्वनाथ सचदेव के जीवन के कुछ यादगार पल की चित्रित झलकियाँ