Vishwanath Sonthalia

Shri Vishwanath Sonthalia (Industrialist and Socialist)

शौर्य, त्याग एवं बलिदान की धरा ‘राजस्थान’ (बडागाँव, झूंझूनू) में 20 जून 1943 को अति सम्पन्न एवं प्रतिष्ठित परिवार में पिता श्री मोतीलाल जी तथा माता श्रीमती जयदेवी की बाटिका में विश्वनाथ सोन्थलिया नामक पुष्प उत्पन्न हुआ। 5 वर्ष की आयु में उनके निःसंतान ताऊजी श्री नन्दलाल एवं ताई श्रीमती गोदावरी देवी ने समस्त परिजनों को साक्षी मान इस होनहार बालक को गोद ले लिया। मुम्बई में शनै-शनै पल्वित हो शिक्षा हेतु मारवाड़ी कामर्शियल हाई स्कूल चीरा बाजार में प्रवेश कर अत्यंत कुशाग्रता एवं स्वयं की प्रतिभा से श्री विश्वनाथ सोन्थलिया ने ‘आलोक’ नामक संस्था का गठन कर मात्र ‘दसवी’ कक्षा के छात्र रहते हुए सन् 1958 में प्रसिद्ध गिटार वादक श्री हजारा सिंह का प्रथम निःशुल्क भव्य कार्यक्रम की आयोजित कराके सांस्कृतिक क्षेत्र में सफलता का झण्डा लहराया। एस.एस.सी. बोर्ड की परीक्षा उत्तीर्ण कर 1960 में एच.आर. कॉलेज से बी.कॉम एवं ‘साहित्य रत्न’ की उपाधि अर्जित की। समय के साथ ही युवास्था के प्रथम पायदान पर आते ही इनकी शादी 27 अप्रैल 1961 के दिन श्रीमती पुष्पा देवी जी के साथ डी. रोड़ चर्चगेट मुम्बई स्थित लक्ष्मी भुवन में भव्यता के साथ सम्पन्न हुई।

अत्यंत प्रफूल्लित दाम्पत्य जीवन का निर्वाह करते हुए इन्होंने पारिवारिक व्यवसाय से हटकर मूलजी जेठा मार्केट में ग्रे माल खरीदकर, गाँठ बनवाकर एवं प्रोसेस कर विक्रय करने का व्यापार संचालित किया। 5 वर्ष तक अनवरत अपनी लगन एवं मेहनत से इस व्यापार में काफी धन एवं शोहरत अर्जित की। परन्तु बचपन से ही अलग हटकर करने की चाह में इन्होंने अनेका-अनेक कवि सम्मेलन के आयोजन करवा कर तत्कालिन सर्वश्रेष्ठ-सुविख्यात माँ सरस्वती के वरद पुत्रों की सिंह-गर्जना करायी। इस श्रृंखला में राष्ट्र को समर्पित श्रीमती महादेवी वर्मा, श्री रामधारी सिंह दिनकर, श्री नागार्जून, काशी हिन्दू विश्व-विद्यालय के कुलपति श्री शिवमंगल सिंह सुमन, सेठ श्री गोविंद दास (एम.पी.), श्री काका हाथरसी, श्री निर्भय हाथरसी फिल्मी गीतकार व सुविख्यात कवि श्री गोपालदास निरज, श्री संतोषानंद, श्री हरीओम पवार, श्री शैल चतुर्वेदी, श्री राम अवतार त्यागी, श्री बिमलेश जैसे नाम-चीन लगभग 77 कवियों की श्रृंखला से माया नगरी मुम्बई में काव्य का परचम लहराया।

इनकी कर्मठता एवं निष्ठावान कार्यशैली से प्रभावित हो कर अनेक सांस्कृतिक एवं सामाजिक शिक्षण संस्थाओं ने इन्हें आत्मसात कर सम्मानीय पदों से अलंकृत किया। जिसमें कि सन् 1968 में हिंदुस्तान चेम्बर ऑफ कॉमर्स एवं आर्ट से संचालित मारवाड़ी कामर्शियल हाई स्कूल के सेक्रेटरी बने। कुछ समय पश्चात सीताराम पोद्दार बालिका विद्यालय के संयोजक बने। धनश्यामदास पोद्दार स्कूल जे.बी. नगर, अंधेरी के मंत्री बने। महाराष्ट्र पावरलूम क्लॉथ मर्चेंन्ट एसोसिएशन बॉम्बे, मुम्बई हिन्दी विद्यापीठ-माहीम, सर्वोदय बालिका विद्यालय मलाड (पश्चिम), श्री कल्याण आरोग्य सदन राजस्थान, राजस्थान गौ सेवा संघ, अग्रवाल सेवा समाज आदि सामाजिक संस्थाओं से जुड़कर अनेका-अनेक सराहनीय कार्य किये। इन्होंने सन् 1971 में घनश्यामदास पोद्दार विद्यालय की दो लाख रूपये व्यय कर नवीन आधारशिला रख भव्यता प्रदान की। विद्यालय के विकास हेतु फण्ड एकत्रित करने हेतु मनोज कुमार की सर्वाधिक चर्चित फिल्म ‘पुरब-पश्चिम’ का एक चैरिटी शो नामी-गिरामी अभिनेता एवं अभिनेत्रीयों की उपस्थिति में कराकर वह दो लाख रूपये अर्जित किये। उस समय यह राशि काफी मायने रखती थी। समय-समय पर ‘संगम की त्रिवेणी’ एवं ‘रंग-रंगीलो फाल्गुन’ आदि जैसे कार्यक्रमों का आयोजन कर इन्होंने राजनेताओं, डॉक्टरों, इंजिनियरों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं फिल्म अभिनेता-अभिनेत्रियों को एक मंच पर समागम कराके अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इनके आमंत्रण मात्र से ही आयोजन के अवलोकनार्थ पूर्व प्रधानमंत्री श्री मोरारजी देसाई, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री कन्नमवार, श्री ए. आर. अंतुले, विधानसभा अध्यक्ष श्री त्रयंबक शिवराम भारदे, शिक्षा केंदीय मंत्री श्री हंशू आडवानी, शिक्षा राज्यमंत्री श्री अनंतराम जोशी, सेंचुरी मिल के अध्यक्ष श्री राम प्रसाद पोद्दार, प्रसिद्ध उद्योगपति श्री कांति कुमार पोद्दार, ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉ. बी. के. गोयल, नभटा के संपादक श्री महावीर अधिकारी, विद्यालय अध्यक्ष श्री गौरीशंकर केजरीवाल आदि सहित अनेक सांसद, विधायक, समाज के प्रसिद्ध प्रबुद्ध लोगों का आगमन कार्यक्रम को गरिमामयी बनाते थे। इनके अथक परिश्रम एवं लगन से घनश्यामदास पोद्दार विद्यालय आज एक सर्वाधिक प्रतिष्ठित शिक्षा संस्थान है।

इन्होंने सन् 1968 से निरंतर फिल्मी दुनिया से जुड़कर अनेक फिल्मी शो का आयोजन करवाकर समाज के स्वस्थ मनोरंजन की परम्परा का निर्वाह किया। 1968 से 1982 तक की संगीत, साहित्य एवं कला की अनेक नामी-गिरामी हस्तियों को आमंत्रित किया। इन्होंने उस समय फिल्म ‘पड़ोसन’ से 58 हजार रूपये एवं फिल्म ‘पुरब-पश्चिम’ से 2 लाख रूपये एकत्रित कर विद्यालय भवन, गौशाला एवं धार्मिक पुस्तकों के प्रकाशक गीता-प्रेस गोरखपुर आदि संस्थाओं को सहयोग देकर अनुठी मिशाल कायम की। इनकी श्रृखला में श्रेष्ठ फिल्में पडोसन, आया सावन झूम के, मन मंदिर, धर्मवीर, प्रेम पुजारी, दुनियाँ, सच्चा-झूठा, कालिया, दि बर्निंग ट्रेन आदि अनेक शो का निःशुल्क आयोजन कराया। इनके अभिनेता एवं अभिनेत्रियों में श्री राजकपूर, देवानंद, दिलीप कुमार, राजकुमार, धर्मेंद्र, सुनिल दत्त, मनोज कुमार, राजेश खन्ना, शम्मी कपूर, राकेश रोशन, शशी कपूर, रणधीर कपूर, नरगीस, नूतन, सायरा बानो, मीना कुमारी, मधुबाला, साधना, हेलन, हेमामालिनी जी एवं पार्श्व गायक लता मंगेशकर, मुकेश, महेन्द्र कपूर, रविन्द्र जैन आदि सभी से आत्मीय सम्बंध थे।

समाज सेवा के धुरंधर श्री विश्वनाथ सोन्थलिया ने सन् 1962 में चीन युद्ध के दौरान राष्ट्रीय रक्षा अकादमी को 5 हजार रूपये की सहायता राशि महाराष्ट्र के मा. राज्यपाल जी को समर्पित किया। सन् 1968 में राजस्थान गौ सेवा समिति को लगभग 51 हजार रूपये की राशी अनुदानित की। 1971 के युद्ध में 11,500 रूपये राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद को महाराष्ट्र के तत्कालीन गृहमंत्री पी.जी. खैर के माध्यम से अनुदानित की एवं 1973 में बिहार रिलिफ फंड को 6 हजार रूपये का सहयोग प्रदान कर राहत कार्यों में मदद की। यह राशी अब मायने नही रखती, परन्तु उस समय यह काफी थी। इनकी इसी उदारता एवं कर्तव्यनिष्ठा को देखते हुए महाराष्ट्र राज्य सरकार ने इन्हं 9 सितंबर 1977 को महानगर दण्डाधिकारी के पद से अलंकृत किया और वह अनवरत तीन बार इस पद पर शोभायमान रहे। परन्तु 7 मई 1983 को उन्हें मष्तिक पक्षाघात (ब्रेन हेमरेज) हो गया, जिससे बचने के न के बराबर सम्भावना के उपरांत भी मुम्बई के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. वाडिया तथा मद्रास के विश्व विख्यात डॉ. राममूर्ति के सात घंटे के सफल ऑपरेशन के पाश्चात पुनः जीवन दान मिला। मस्तिष्क पक्षाघात जैसी बीमारी से परिजनों के परिश्रम एवं प्रसिद्ध चिकित्सकों के अथक प्रयास से पुनः क्रियाशील हुये है। इन्होंने ‘सेठ मोतीलाल सोन्थलिया फाउण्डेशन ट्रस्ट’ की स्थापना की। इसके पहले ‘सेठ मोतीलाल बालावख्श सोन्थलिया चेरीटेबल ट्रस्ट’ काफी वर्षों से बना हुआ था। सोन्थलिया एण्ड सन्स नाम से एक और फाउण्डेशन की स्थपना की है। परन्तु अब वह पूर्व की भाँति तो सक्रिय नहीं है फिर भी सामाजिक कार्य में सहभागिता लेते रहते है।


Biography

Basic Info…
Name : Shri Vishwanath Sonthalia
Born : 20 June 1943
Education : B.Com., Sahitya Ratna
Profession : Industrialist and Socialist

Family Member Info…
G. Father : Late Shri Balabaksh Sonthalia
G. Mother : Late Smt. Saraswati Sonthalia

Father : Late Shri Motilal Sonthaliya
Mother : Late Smt. Jaidevi Sonthaliya

Wife : Smt. Pushpa Devi Sonthalia

Son:
Mr. Shailesh Sonthalia
Mr. Sanjay Sonthalia

Daughter in Law:
Smt. Madhu Shailesh Sonthalia
Smt. Rajshree Sanjay Sonthalia

Related Society & Trust …
Ex-Secretary :
• Marwari Commercial High School
• Sitaram Poddar Grils School, Mumbai
• Ghanshyamdas Poddar School, Mumbai

Trustee :
• Seth Motilal Sonthaliya Foundation Trust
• Seth Motilal Balbaks Sonthaliya Ch. Trust
• Sonthaliya & Sons Foundation Trust

Member : HCC Mumbai

Get In Contact
Address: 384-M, Kalbadevi Road, Mumbai, Maharashtra, Pin - 400002 (India)

Tel: +91 -022 - 2220 5353

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शादी के जोडे में विश्वनाथ सोन्थलिया

दुलहन के जोडे में धर्मपत्नी पुष्पा देवी



विश्वनाथ सोन्थलिया के जीवन के कुछ अनमोल यादगार पल की चित्रित झलकियाँ