Yugraj Jain

Shri Yugraj Jain (Writer, Editor, Publisher, Actor, Director ...)

Yugraj Jain

जन्म - 23 जनवरी 1952 को राजस्थान के पाली जिले के ग्राम बिजोवा में जन्म लेनेवाले माता श्रीमती सायरदेवी और पिताश्री भेरूमल जी जैन के सुपुत्र युगराज जैन की ख्याति का परचम आज सात समंदर पार विदेशों में भी लहरा रहा है।

शिक्षा - युगराज जैन ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पहली से चौथी तक नल बाजार, मुम्बई स्थित म्युनिसिपल स्कूल से प्राप्त की। फिर राजस्थान से एस.एस.सी. तक पढ़ाई करने के पाश्चात मुम्बई कॉलेज से उच्च माध्यमिक शिक्षा ग्रहण कर पिताजी के साथ खनिज व्यवसाय जगत में एक पहचान बनाई।

व्यवसाय - युगराज जैन की कम्पनी “हॉलमार्क एलिवेटर्स प्रा. लि.” सभी प्रकार के लिफ्टों का निर्माण कार्य करती है।

साहित्यिक यात्रा - स्कूल के दिनों दोस्तों को चुटकुले सुनाकर हंसाने वाले युगराज जैन को कविताएं लिखने का शौक स्कूल के दिनों से ही था। हिंदी साहित्य के प्रति काफी अनुराग था। उनका यह शौक समय के साथ परवान चढ़ता गया और उनकी काबिलियत ने उन्हें काव्य मंचों का सिरमौर बना दिया। आज देश के गिनेचुने मंच संचालकों में युगराज जैन की गिनती होती है।

विधा - युगराज जैन की प्रतिभा का दायरा कभी सीमा में नहीं बंधा। उनकी प्रतिभाओं के परवाज के लिए एक व्यापक फलक भी न्यून साबित होता है। जीवन के हर पहलू को उन्होंने स्पर्श किया है। कभी लेखन के माध्यम से तो कभी मंच के माध्यम से, कभी अभिनय के माध्यम से तो कभी गीतों के माध्यम से। इनकी इंद्रधनुषी विधाओं में सबसे चटक रंग युवाओं के प्रति संवेदनशीलता का है। भौतिकवाद की आंधी में भारतीय जीवनमूल्यों, परंपराओं और आदर्शों को पुनर्स्थापित करना इनके जीवन का एक मात्र लक्ष्य है। व्यवसाय के साथ-साथ युगराज जैन पुरी तरह समाज को समर्पित हैं।

गतिविधियाँ - स्कूल के दिनों से शुरू हुई युगराज जैन की साहित्यिक यात्रा आज सात समंदर पार विदेशों तक जा पहुँची है। देश के हर बड़े नगरों में आयोजित कवि सम्मेलनों और अन्य सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक कार्यक्रमों के संचालन के लिए युगराज जैन एक आवश्यक नाम है। आप कई बार विदेशों में जाकर भी कार्यक्रम प्रस्तुत कर चुके है।

लेखन - अनेक प्रतिष्ठित समाचार पत्र, पत्रिकाओं में लेख-कविताएं प्रकाशित होते रहते हैं। इन्होंने मुम्बई सहित देश के अनेक जानी-मानी हस्तियों के उपर लगभग चार हजार कविताओं का सृजन किया है। किसी भी कार्यक्रम में उपस्थित होने वाले अतिथियों के उपर कविता बना देने में युगराज जैन को महारत हासिल है। युगराज जैन द्वारा लिखित तीन लघु नाटिकाएं - “कुवारी पुकार”, “फिसलन” तथा “कहानी परिवारों की” एवं चार बड़े नाटक – “अंधी दौड़”, “आओ हम धर्म को व्यवहार में लाएं”, जीवदया पर मार्मिक नाटक “आओ पुकार सुने पशुओं की” तथा राष्ट्रप्रेम को दर्शाने वाला एक अन्य नाटक “अहल-ए-वतन” बेहद सराहे गए। चुनिंदा गीतों की ऑडियो कैसेट “माँ”, “जागो”, “भावगुंजन”, “अहल-ए-वतन” और “पशुओं की पुकार” नामक गीतों की सीडी तथा “सुन और गुन” नामक कविताओं की सीडी भी रिलीज हो चुकी है, बेहद सराही गई। इनके लिखे नाटकों में भी गीतों की प्रधानता रहती है। “बहना, तुमसे है कुछ कहना” (मुक्तक), “अब तो सम्भल” (मुक्तक), “नश्तर” (मुक्तक कई विषयों पर), “आखिर क्या क्या लिखूँ” (काव्य संग्रह) आदि काफी लोकप्रिय हुए।

अभिनय - हिन्दी फिचर फिल्म “जय माँ करवा चौथ” तथा राजस्थानी फीचर फिल्म “बालम थारी चुनड़ी” के अलावा “शनि महिमा” में भी युगराज जैन ने अभिनय किया है। एक मंजे हुए कलाकार की तरह इनके अभिनय की प्रतिभा भी बहुआयामी है। युगराज जैन ने अपने सभी नाटकों के कई किरदारों को स्वयं अदा किया है। सैनिक, सुत्रधार व बुढ़े बाप तथा किसान की भूमिका निभाकर अपने सशक्त अभिनय का लोहा मनवाया।

सामाजिक सरोकार - विरासत में मिली समाज सेवा की भावना को पुरी तरह जीते है युगराज जैन। आडंबर, शिथिलता, भष्ट्राचार, नैतिक मूल्यों का ह्रास और जीवन की वास्तविकता से पलायन की राह पकड़नेवाली युवा पीढ़ी को देखकर इन सबसे व्यथित युगराज जैन समाज में नैतिकता और जीवन मूल्यों को स्थापित करने के उद्देश्य से समय-समय पर कई कार्यक्रम आयोजित करते रहते हैं।

युवती संस्कार शिविर - फैशन परस्ती और आधुनिकता की अंधी दौड़ में आज की युवा पीढ़ी उच्छृंखल होती जा रही है। अब तक देश के हर छोटे-बड़े शहरों में 389 शिविरों में करीबन 2 लाख 50 हजार से अधिक बहनों को नारी उत्कर्ष, उसकी गरिमा, महिमा और उसकी सृजनात्मक शक्ति से युवा बहनों को परिचित कराकर उनके अंदर ममत्व, त्याग, क्षमा, शील आदि नारी सुलभ गुणों का प्रस्फुटन करा रहे हैं।

गौशाला – अपने पैतृक गाँव बिजोवा, पाली (राजस्थान) में युगराज जैन ने श्री भगवान महावीर गौशाला समिति का निर्माण करवाया, जिसमें 155 गौमाता की सेवा का लाभ मिल रहा है।

संपादन - प्रखर वैचारिक राष्ट्रीय पाक्षिक समाचार पत्र “युग प्रवाह” का कुशल संपादन और प्रकाशन पिछले 13 वर्षों से युगराज जैन करते आ रहे हैं। इस समाचार पत्र की कुल 20 हजार प्रतियां देश के चार महानगरों सहित सभी प्रदेश में वितरित होती है। इस अखबार के माध्यम से समाज को सही दिशा देने का सराहनीय कार्य कर रहे है। एक शताब्दी से भी अधिक पुरानी पुरानी संस्था भारत जैन महामंडल मुम्बई के मुख्य पत्र जैन जगत (मासिक) का पिछले 14 वर्षों से कुशल संपादन युगराज जैन कर रहे हैं।

संस्थाएँ - युगराज जैन ने समाज में व्याप्त कुरीतियों को मिटाने के उद्देश्य सामाजिक संस्था “जैन फुलवारी” का 1992 में गठन किया। विवाह योग्य युवक-युवतियों का परिचय सम्मेलन आयोजित करना, सामुहिक विवाह करवाना, असहाय और गरीब श्रद्धालु बुजुर्ग महिला-पुरूष को तीर्थ यात्राएं करवाना, निःशुल्क चिकित्सा शिविरों का आयोजन, तलाक एवं अन्य पारिवारिक समस्याओं का निपटारा इत्यादि सामाजिक सेवा के कार्य इस संस्था के मुख्य केंन्द बिन्दु है। ज्ञात रहे कि युगराज जैन ने अपने दोनों पुत्रों का विवाह भी सामुहिक विवाह समारोहों में ही सम्पन्न किया तथा पुत्री का विवाह में प्रीतिभोज में मात्र ग्यारह व्यंजन ही बनवायें। युगराज जैन चमड़े की कोई वस्तु उपयोग नहीं करते हैं।

उड़ान - हिन्दी साहित्य के प्रति अपनी जवाबदेही के मद्देनजर साहित्यिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक संस्था उड़ान की 1998 में स्थापना कर इसके संस्थापक अध्यक्ष बने। हिन्दी साहित्य के संरक्षण और संवर्धन के लिए समय-समय पर साहित्यिक कार्यक्रमों का आयोजन। प्रत्येक वर्ष होली के अवसर पर मुम्बई में त्रिदिवसीय होली महोत्सव का आयोजन इस संस्था के माध्यम से किया जाता है। कवि सम्मेलन उड़ान को खास पहचान प्रदान करता है।


Biography

Basic Info…
Name: Shri Yugraj Jain
Born: 23 January 1952
Education:
Profession: Business

Family Member Info…
Father: Shri Bherumal Ji Jain
Mother: Smt Sayar Devi

Wife: Smt Kamala Jain

Organization …
Hallmark Elevators Pvt. Ltd.

Related Works …
Book Writing: Preranapunj, Bahana Tumse Hai Kuch Kahana, Aab To Sambhal, Akhir Kya-Kya Likhu?, Maa, Mai Bola Jag Dola

Big Play Writing: Andhi Doud, Aao Hum Dharm Ko Vyavhar Me Laye, Aao Pukar Sune Pashuo Ki, Ahal-A-Vatan

Short Play Writing: Kuari Pukar, Fisalan, Kahani Kaye Parivar Ki

Audio CD: Maa, Jago, Bhavgunjan, Ahal-A-Vatan, Pashuo Ki Pukar, Sun & Gun

Film Acting, Producer & Director: Akath Kahani (Family Hindi Film), Ab To Sambhal (Hindi Film), Papa Tum Kahan Ho (Hindi Film)

Film Acting: Jai Maa Karva Chouth (Hindi Film), Baalam Thari Chunad (Rajasthani Film), Shani Mahima (Rajasthani Film)

Editing & Publishing: Yug Pravah (Since 13 Years)

Editing: Jain Jagat (Monthly – Since 14 Years)

Related Society & Trust: Jain Fulwari, Udaan

Related Location…
Born: Village & Post – Bijova, St. Rani, Dist. Pali, Rajasthan
Work Area: Mumbai

Get In Contact
Address : Hind Electrics, Nagu Sayaji Wadi, New Prabhadevi Road, Mumbai - 400025

Tel : +91- 22- 2437 7651 / 9820156598 / 9869696646
Email: yugpravah@yahoo.com
jainyugraj@gmail.com




श्री युगराज जी जैन के जीवन के कुछ अनमोल यादगार पलों की चित्रित झलकियाँ