ladleinfo.com  |  News - September 2018


देश के प्रमुख मीड़िया संस्थान द इकॉनोमिक टाइम्स द्वारा श्री अभिषेक लोढ़ा को इंड़ियाज् हॉटेस्ट बिजनेस लिड़र ऑवार्ड 2018 से सम्मानित किया गया

देश के प्रमुख मीड़िया संस्थान द इकॉनोमिक टाइम्स द्वारा श्री अभिषेक लोढ़ा को इंड़ियाज् हॉटेस्ट बिजनेस लिड़र ऑवार्ड 2018 से सम्मानित किया गया। संस्थान द्वारा प्रतिवर्ष 40 अन्ड़र फॉर्टी कार्यक्रम के तहत देश के 40 वर्ष तक के 40 युवा प्रतिभाशाली युवाओं के सम्मानित किया जाता है। मुम्बई में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम श्री अभिषेक लोढा (आयु: 38) - एमडी और सीईओ, लोढा डेवलपर्स, श्री अभय सिंघल (आयु: 39) - विज्ञापन क्लाउड, इनमोबी के सह-संस्थापक और अध्यक्ष, श्री अभिनव सिन्हा (आयु: 37) - चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर, ओवाईओ, श्री अभिषेक गांगुली (आयु: 39) - प्रबंध निदेशक: प्यूमा इंडिया, श्री अभिषेक मोहाला (आयु: 38) - हेड, सेल्स एंड मार्केटिंग (कॉपर), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, श्री अभिषेक रेगे (आयु: 38) - सीईओ, एंडमोल शाइन इंडिया सहित 40 युवाओं को सम्मानित किया गया।



मंजू लोढ़ा की नई पुस्तकः ‘...कि घर कब आओगे!’  |  सैनिक परिवारों के दर्द की दास्तान सीधे दिल में बहने लगती है

वह एक विवाहिता है। जिसका मन हर पल सिकुड़ा - सा किसी कोने में दुबका बैठा रहता है। उसके चेहरे पर अवसाद और संताप हर पल चढ़ता उतरता देखा जा सकता है। वह हर पल अपने सुहाग के इंतजार में रहती है। और पति वह घर लौटता है, तो उसी पल वह उसके फिर से अचानक चले जाने के डर से सहमी रहती है। और जाने पर, फोन की हर घंटी उसे किसी बुरी खबर की आशंका से डराती है। यह एक सैनिक की पत्नी है, जो खुश होती है, तड़पती है, विरह में भीतर ही भीतर हर पल खोई रहती है। न सोती है, न रोती है। जानी मानी लेखिका मंजू लोढ़ा की हाल ही में प्रकाशित पुस्तक ‘...कि घर कब आओगे’ में सैनिक पत्नियों की व्यथा पढ़कर मन दृवित हो उठता है। आखिर सीमा पर लड़ रहे सैनिकों की पत्नियों और परिवारजनों के भी सपने होते हैं। लेकिन उनके निजी जीवन की व्यथा कुछ कुछ ऐसी होती है, कि क्या तो सपने और क्या ही अपने। मंजू लोढ़ा ने सैनिक परिवारों और सैनिकों की पत्नियों के दर्द का अपनी इस ताजा पुस्तक में का बेहद मार्मिक चित्रण किया है।

‘...कि घर कब आओगे!’ दरअसल, मंजू लोढ़ा की कविताओं का संग्रह है। श्रीमती लोढ़ा कहती है कि सैनिक परिवारों और सैनिक पत्नियों की व्यथा को कई सालों में उन्होंने जैसा देखा, जाना, समझा, महसूस किया और सुना, उसे बरसों से अपने मन में सहेज कर रखा था। फिर जब जब फुरसत मिली, तो मन के कोने में बसे उन किस्सों को पन्नो पर उतार दिया, तो वे अनुभव कविता बन गए। इन कविताओं में छिपे दर्द को देखें और मर्म को महसूस करे, तो सरहद पर हमारी रक्षा मैं बैठे जवान की पत्नी, माता, बेटी और बहन, के मन में पल पल पनप रहे दर्द, विरह, वेदना, चिंता और व्याकुल मन की व्यथा की वजह से जीवन कितना भारी हो जाता है, उसे समझा जा सकता है।

वैसे तो इस पुस्तक में मंजू लोढ़ा की कई कविताएं हैं, लेकिन... ‘फिर इंतजार की घड़ियां काट लूंगी’, ‘तुम साथ होते तो’, ‘तेरे जाने के बाद’, ‘नवविवाहिता की व्यथा’, ‘एक सैनिक पत्नी का कथा’,‘पापा जब घऱ आए ओढ़ के तिरंगा’ आदि पढ़कर हमारा मन कहीं खो सा जाता है। लगता है कि आखिर सैनिक परिवारों की जिंदगी में इतनी सारी विडंबनाएं एक साथ हैं, तो क्यूं है। इन्हीं कविताओं में से एक कविता में सैनिक की पत्नी जब अपने पति के शहीद हो जाने पर बच्चों को भी फौज में भेजने का ऐलान करती है, तो राष्ट्रप्रेम से सजे नारी मन की मजबूती के तीखे तेवर हमारी आंखों के सामने तारी जाते हैं। मंजू लोढ़ा की ये कविताएं सैनिक परिवारों के रिश्तों को, उन रिश्तों की भावनाओं को और उन भावनाओं में छिपे भविष्य को बहुत ही करीब से जाकर पढ़ती सी लगती हैं। ये कविताएं उन रिश्तों की भावनाओं को गुनती हैं, बुनती हैं और उनकी उसी गर्माहट को ठीक उसी अहसास में परोसने में सफल होती हैं। ये कविताएं सीधे मन में समाने लगती है और पढ़ते हुए आभास होता है कि लेखिका ने सचमुच सैनिक की पत्नी और उसके परिवार के जीवन में किसी अपने के साथ की कमी को, सुख के संकट को और राष्ट्र के प्रति प्रेम से पैदा हुए दर्द के दरिया को शब्दों में बहुत ही भावों के साथ पिरोया है।

नेताजी सुभाषचंद्र बोस के 121वें जयंती वर्ष पर प्रकाशित ‘...कि घर कब आओगे!’ पुस्तक को श्रीमती लोढ़ा ने भारतमाता के वीर जवानों व उनके परिवारों को समर्पित किया है। नई दिल्ली स्थित केके पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित 24 पृष्ठ की यह पुस्तक है तो छोटी सी, लेकिन भावनाओ का ज्वार जगा जाती है। लंदन, मुंबई और नई दिल्ली में विमोचित प्रसिद्ध पुस्तक परमवीर के बाद मंजू लोढ़ा की यह ताजा कृति सैनिक परिवारों के प्रति कृतज्ञता, सद्भावना, संवेदना, सहानुभूति और अनुकंपा का भाव जगाती है।

पुस्तकः ‘...कि घर कब आओगे!’     लेखकः मंजू लोढ़ा     संकल्पनाः लोढ़ा फाउंडेशन, मुंबई     प्रकाशकः के के पब्लिकेशन, नई दिल्ली     मूल्यः 95 रुपए



लोढ़ा एक्सलस में हाथों से बनी मूर्तियों का जलवा

इस बार के गणेशोत्सव में लोढ़ा एक्सलस कॉर्पोरेट ऑफिस कॉम्पलेक्स के गणपति की भी काफी चर्चा रही। इसके पीछे खास वजह यह थी कि गणपति की मुख्य मूर्ति के अलावा यहां और भी कई छोटी - बड़ी गणेश मूर्तियां एवं गणरपति की पेंटिंग भी सजी हैं, जो मल्टीनेशनल कंपनियों के यहां के कर्मचारियों ने अपने हाथों से बनाई है। किसी भी मशीन की सहायता के बिना निर्मित ये विशेष मूर्तियां बेहद लुभावनी एवं प्रोफेशनल मूर्तिकारों की मूर्तिरचना के समकक्ष हैं, जिनको बीते सप्ताह भर में हजारों लोगों ने दर्शन किए एवं सराहा। लोढ़ा फाउंडेशन की चेयरपरसन मंजू लोढ़ा ने सभी सहभागियों का आभार जताया है।

दक्षिण मुंबई स्थित एनएम जोशी मार्ग के अपोलो मिल कंपाउंड स्थित कॉर्पोरेट ऑफिस कॉम्पलेक्स ‘लोढ़ा एक्सलस’ में स्थापित भगवान गणपति की ईको फ्रेंडली मुख्य प्रतिमा अपने आप में बेहद अदभुत एवं आकर्षक हैं। लोढ़ा फाउंडेशन की चेयरपरसन मंजू लोढ़ा की अगुवाई में आयोजित इस गणपति पंडाल में प्राकृतिक रंग एवं ईको फ्रेंडली सामान से बनी इन मूर्तियों के अलावा यहां की बेहद शालीन एवं मन को सुकून देनेवाली सजावट भी अपने आप में बहुत ही अलग है। इस पंडाल में भगवान गणपति के 108 नामों की व्याख्य़ा के पट्ट भी लगाए गए हैं साथ ही गणेशोत्सव का इतिहास भी चित्रित है। मल्टीनेशनल कंपनियों में काम करनेवाले कॉर्पोरेट लोगों द्वारा अपने हाथों से बनाई गणपति की पेंटिंग की प्रदर्शनी भी लोढ़ा एक्सलस में लगाई गई है। यहां पर सजी मूर्तियां एवं पेंटिंग जिन लोगों ने बनाई हैं, वे मल्टीनेशनल कंपनियों के कामकाज का बेहद व्यस्त जीवन जीनेवाले लोग है, फिर भी समय निकालकर उन्होंने अपनी आस्था का परिचय दिया है।



अमृता फडणवीस, पर्यटन मंत्री जय कुमार रावल, अनुप जलोटा और अन्य ने लिट ओ फेस्ट लंदन में हिस्सा लिया

लिट ओ फेस्ट मुंबई ने लंदन की सफल उपलब्धि के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी रचनात्मक उपस्थिति बनाई। इसने भारतीय दर्शकों से काफी उत्साहजनक प्रतिक्रिया देखी। युवा क्षमता के लिए प्रतिबद्ध त्यौहार में साहित्य, कला और संस्कृति के क्षेत्र में भारतीय विद्या भवन में आयोजित किया गया, लंदन महाराष्ट्र पर्यटन विकास निगम द्वारा प्रस्तुत किया गया था। फेस्टिवल के पहले दिन उद्घाटन समारोह में लॉर्ड दिलजीत राणा (मेंबर हाउस ऑफ लॉर्ड), श्रीमती अमृता फडणवीस (महाराष्ट्र की पहली महिला), लिट ओ फेस्ट के संस्थापक निदेशक श्रीमती स्मिता जीएलके पारीख, अनुप जलोटा, श्री महेंद्र सिंह जडेजा उपस्थित थे।

इस वर्ष लिट ओ फेस्ट का ध्यान भारत में 'विलेज एडोप्शन कैम्पेन' के साथ जागरूकता फैलाना था ताकि गरीबी रेखा से वंचित वंचित बच्चों को सहारा मिल सके और आजीविका के लिए उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल का ख्याल रखा जा सके। लंदन ओ फेस्ट के लंदन के मुख्य प्रायोजक एमटीडीसी, महाराष्ट्र पर्यटन विकास निगम थे, जिसमें पर्यटन मंत्री श्री जय कुमार रावल और सचिव विजय कुमार गौतम ने शानदार रूप से प्रतिनिधित्व किया था, जिन्होंने भारतीय डायस्पोरा के प्रतिष्ठित सदस्यों को महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत यात्रा के लिए आमंत्रित किया था।

संस्थापक-निदेशक स्मिता पारीख ने फेस्टीवल की मॉडेस्ट यात्रा के साथ-साथ आने वाले वर्षों में वास्तविकता के इरादे से स्पष्ट रूप से वर्णन किया। फेस्टीवल में ऐसे सेशन थे, जो व्यापक रूप से भारतीय डायस्पोरा, भारतीय संस्कृति, सोशल मीडिया के प्रभाव, भौतिक विभाजन को कम करने और साहित्य के रुझान पैटर्न के साथ-साथ साहित्य के लिए साहित्य सहित व्यापक विषयों को शामिल किया गया। इसके अलावा, लिट ओ फेस्ट लंदन चाप्टर ने अपना पहला 'ग्लोबल इनोवेंचर अवार्ड' भी आयोजित किया था, जिसमें हाउस ऑफ लॉर्ड्स, ब्रिटिश संसद, लंदन, यूके के लॉर्ड दिलजीत राणा, मेंबर ऑफ द हाउस ऑफ लॉर्ड (ब्रिटेन्स अप्पर हाउस) और बैरोनेस संदीप राणा, मेंबर उपस्थित थे। 'ग्लोबल इनोवेंचर अवॉर्ड' को भारत और ब्रिटेन के प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया है, जिन्होंने न केवल साहित्य, उद्यमिता, पर्यटन, व्यवसाय, कौशल विकास और सामाजिक-सांस्कृतिक सक्रियता जैसे अपने क्षेत्रों में एक निशान बनाया है, बल्कि उन लोगों के लिए भी आने वाले समय में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन लाने के लिए अलग-अलग संभावित दिखाए गए हैं।

'ग्लोबल इनोवेंचर अवॉर्ड' मिस अमृता फडणवीस को सोशल वर्क के क्षेत्र में उनके अनुकरणीय योगदान के लिए, संगीत के लिए अनुप जलोटा, ज़ारा एडम्स (अभिनेता हॉलीवुड) परफॉर्मिंग आर्ट, साहित्य और कहानी कहने के लिए पंकज दुबे, एकता सोधा गजेंद्र सिंह रागासूधा दिव्या माथूर, डॉ राधा कृष्णन पिल्लई और कई प्रतिष्ठित व्यक्तित्व के लिए उनके अनुकरणीय योगदान के लिए दिया गया था। लिट ओ फेस्ट ने वर्षों में दुनिया भर के सभी महाद्वीपों को अपनी सांस्कृतिक अभियान लेने की योजना बनाई है ताकि आने वाले वर्षों में स्मिता पारीख की अद्भुत पहल से दिल सदाबहार हो जाएगा। उद्घाटन के दौरान उनके भाषण में मुख्य सचिव विजय कुमार गौतम ने उल्लेख किया – लिट ओ फेस्ट 2018 लंदन संस्करण के साथ जुड़ना मेरा विशेषाधिकार है। यह हमारे समृद्ध साहित्य, कला, संगीत और संस्कृति का जश्न मनाने के लिए एक आदर्श मंच है। लिट ओ फेस्ट, एक प्रतिष्ठित फेस्टीवल है, जो पूरे देश में लेखकों, कलाकारों, शिक्षाविदों, विद्वानों, प्रकाशकों को आकर्षित करता है और समृद्ध संस्कृति और विरासत की चमक दिखाता है।

ब्रिटिश संसद में श्री जय कुमार रावल ने मराठी साहित्य और संस्कृति की विरासत के बारे में विस्तार से बताया और लिट ओ फेस्ट जैसे फेस्टीवल हमारे राज्य में अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक को आकर्षित करने के लिए साहित्य और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सही मंच हैं। श्रीमती अमृता फडणवीस ने इस बात पर प्रकाश डाला कि उन्हें लिट ओ फेस्ट में इतना भरोसा क्यों है कि वे किस कारण से जुड़े हुए हैं, उन्होंने यह भी बताया कि मुंबई एकल यात्रा के लिए सबसे सुरक्षित शहर है और वैश्विक पर्यटकों को वैश्विक पर्यटकों को आमंत्रित करता है।



सुप्रसिद्ध समाजसेविका व लेखिका श्रीमती मंजू लोढ़ा को ब्रम्हकुमारी द्वारा आयोजित पर्युषण व्याख्याणमाला में आमंत्रित कर सम्मानित किया गया

ब्रहमाकुमारीज़ विश्व भर में फैला हुआ एक ऐसा आध्यात्मिक संस्थान है जो व्यक्तिगत परिवर्तन और विश्व नवनिर्माण के लिए समर्पित है। यह महिलाओं द्वारा चलाई जाने वाली विश्व में सबसे बड़ी आध्यात्मिक संस्था है। सन 1937 में स्थापना के बाद ब्रह्माकुमारीज़ का इस समय सातों खण्डों के 10 देशों में विस्तार हो चुका है। और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अनेक क्षेत्रों में गैर सरकारी संस्थान के रूप में स्थापित हो चुका है। हालांकि उनकी वास्तविक प्रतिबद्धता व्यक्ति को अपने दृष्टिकोण में भौतिक से आध्यात्मिकता में परिवर्तन करने के लिए प्रेरित करना है। इससे शान्ति की गहरी सामूहिक चेतना और व्यक्तिगत गरिमा के निर्माण करने में हरेक आत्मा को मदद मिलती है। ब्रह्माकुमारीज़ का अन्तर्राष्ट्रीय मुख्यालय भारत के माउण्ट आबू में स्थित है। राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की गयी अनेक गतिविधियों को सामान्यत: स्थानीय लोगों द्वारा ब्रह्माकुमारीज़ के ईश्वरीय नियमों के आधार पर और वहाँ के उस क्षेत्र के अपने नियमों और कायदों के आधार पर संचालित किया जाता है।

संस्था के मुम्बई इकाई द्वारा पर्युषण पर्व के अवसर पर पर्युषण व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सुप्रसिद्ध समाजसेविका व लेखिका श्रीमती मंजू लोढ़ा को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अपने सम्बोधन में श्रीमती मंजू लोढ़ा पर्युषण पर्व के महत्व तथा इसका हमारे जीवन पर पड़नेवाले साकारात्मक प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की।



सुप्रसिद्ध समाजसेविक व महाराष्ट्र् प्रदेश कांग्रेस की महासचिव श्रीमती सुमन अग्रवाल ने ठाणे में लोगों के घर-घर जाकर स्थापित होने वाले गणपति का दर्शन किया

प्रतिवर्ष का भाँति इस वर्ष भी सुप्रसिद्ध समाजसेविक व महाराष्ट्र् प्रदेश कांग्रेस की महासचिव श्रीमती सुमन अग्रवाल ने ठाणे में लोगों के घर-घर जाकर स्थापित होने वाले गणपति का दर्शन किया तथा लोगों से मुलाकात कर गणपति की शुभकामनाएं दी। सभी लोगों ने बड़े ही सम्मान के साथ उनका स्वागत तथा आवभगत किया। इस अवसर पर उनके साथ ठाणे जिला के काँग्रेस पदाधिकारी व सदस्यगण भी उपस्थित थे। इस अवसर पर श्रीमती सुमन अग्रवाल ने रघुनाथ नगर, थाने में रोहिताश कुमावत के घर भी गणपति दर्शन किये। उनके साथ ऐड्वोकेट इंद्रजीत कल्कार्नी, मंज़ूर ख़तरी, किशन बिशनोई आदि भी उपस्थित थे।



श्री संतोष सोमानी के घर गणपति पधारे



फ़िल्म टीवी जगत के कलाकार और नेता माहिम के एको फ्रेंडली गणपति पंडाल में आये

माहिम के सिंधी विवेकानंद सोसाइटी के गिरीश कृष्णानी ने अपनी सोसाइटी के १४० परिवार के साथ गणपति फेस्टिवल के ५० साल पुरे किये। इस साल इन्होने एको फ्रेंडली गणपति बनाई जिसके दर्शन के लिए टीवी, फिल्म जगत से कलाकार और विधायक, नेता और वरिष्ठ अधिकारी आये। आदित्य पंचोली, महेश मांजरेकर, दया, विधायक असलम शेख, ब्राईट के योगेश लखानी, कृपा शंकर सिंह, सचिन भाई अहीर, शाइना एन सी, भाई जगताप, आसिफ़ भामला, एम एस बिट्टा बाप्पा का आशीर्वाद लेने आये। फ़िल्म भागते रहो की टीम से अभय, रिया, सुनील तिवारी और प्रफुल तिवारी आये वहीँ फ़िल्म गेम पैसा लड़की से अतुल पटेल, दीपांश गर्ग और सेज़ल शर्मा आये। ये १४० सिंधी फॅमिली हर साल १०,००० गणेश भक्तों के लिए खुद खाना बनाकर खिलाते हैं। रिटायर्ड एसीपी जो गायकवाड़ इस सोसाइटी में होनेवाली गणपति फेस्टिवल की सारी तैयारी कराते हैं। अहसान कुरैशी ने गणपति में सारे मेहमानों को खूब हसाया।



सुप्रसिद्ध समाजसेविक व महाराष्ट्र् प्रदेश कांग्रेस की महासचिव श्रीमती सुमन अग्रवाल ने लोगों से मिलकर गणपति की शुभकामनाएं दी

(दायीँ ओर) - प्रति वर्ष की भाँति इस बार भी विम्बलडन पार्क स्थित राजु तापडिया के निवास स्थान पर गणपति महोत्सव बड़े ही धूम धाम से मनाया गया। इस अवसर पर श्री सुरेश कांकानि (Managing Director Maharastra Airport Development Authority), श्रीमती सीमा नय्यर (मिसज़ भारत आइकॉन २०१७), प्रदेश कांग्रेस की महासचिव श्रीमती सुमन अग्रवाल, रामप्रकाश अग्रवाल, श्री एकनाथ शिंदे, श्री राजन विचारे, सहित समाज के अनेक भक्त एवं गणमान्य भक्तों ने उपस्थित रहकर गणपति देव की जय जयकार की। गणेशोत्सव के प्रथम दिवस संगीतमय सु दर कांड का गायन संगीतकार जगमोहन डिगा के सुमधुर कंठो द्वारा किया गया।

(बायीं ओर) - श्रीमती संगीता जानगिड द्वारा बनाए गए इको फ्रैंडली गणपति साडू मिट्टी से बने है और इन्हें घर पर ही बनाया गया है। इन पर किया गया रंग और सजावट भी पर्यावरण अनुकूल है। जानगिड परिवार से मिलकर प्रदेश कांग्रेस की महासचिव श्रीमती सुमन अग्रवाल गणपति की शुभकामनाएं दी।



युनिक क्लब द्वारा आयोजित 37 वाँ वार्षिक छात्रवृति वितरण समारोह में सुप्रसिद्ध समाजसेविका व लेखिका श्रीमती मंजू लोढ़ा का सम्मान

परमपूज्य श्रीमद् विजय धर्मधूरंधर सुरीश्वर जी म.सा. के सानिध्य में संचालित युनिक क्लब द्वारा 37 वाँ वार्षिक छात्रवृति वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में सुप्रसिद्ध समाजसेविका व लेखिका श्रीमती मंजू लोढ़ा को आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। इस संस्था द्वारा प्रतिवर्ष मेधावी छात्रों को छात्रवृति दिया जाता है। इस अवसर पर अपने सम्बोधन में श्रीमती मंजू लोढ़ा ने जरूरतमंद मेधावी छात्रों को संस्था द्वारा किये जा रहे कार्यों की सराहना की।



श्री आदर्श रामलीला समिति, मुम्बई के तत्वाधान में आयोजित अन्तरविद्यालय प्रतियोगिता संपन्न

श्री आदर्श रामलीला समिति के तत्वाधान में पिछले वर्षो की भांति इस वर्ष भी मारवाड़ी कमर्शियल हाईस्कूल “श्री काशीनाथ गाडिय़ा सभागार” चीराबाज़ार, मुंबई पर मंत्री/ ट्रस्टी श्री राजेंद्र अग्रवाल के मार्गदर्शन में अंर्तविद्यालय प्रतियोगिता संपन्न हुई। संयुक्त मंत्री/ ट्रस्टी श्री कानबिहारी अग्रवाल ने बतलाया की इस प्रतियोगिताओं में कोलाबा से विरार के ११ स्कूलों के छात्र/छात्राओं ने भाग लिया। कक्षा ८ से १० वी तक के विद्यार्थिओं के लिए आशु (तात्कालिक) भाषण प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार हिन्दी हाईस्कूल (घाटकोपर), द्वितीय पुरस्कार मारवाड़ी विद्यालय हाईस्कूल (ऑपेरा हाउस), तृतीय पुरस्कार के. जी. एस. सर्वोदय हाईस्कूल (मालाड) तथा प्रोत्साहन पुरस्कार शास्त्री विद्यालय हाईस्कूल (विरार) एवं हिन्दी हाईस्कूल (घाटकोपर) ने जीता।

कक्षा ८ से १० वी तक सीनियर तक के विद्यार्थिओं के लिए सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का संचालन समिति के मानद मंत्री/ट्रस्टी श्री राजेन्द्र अग्रवाल ने किया इसमें प्रथम पुरस्कार बी. एल. रूईया (ब) हाईस्कूल (विलेपार्ले) एवं द्वितीय पुरस्कार हिन्दी हाईस्कूल (घाटकोपर) ने जीता। कक्षा ५ से ७ जुनियर तक के विद्यार्थियों के लिए सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता मे प्रथम पुरस्कार शास्त्री विद्यालय हाईस्कूल (विरार), द्वितीय पुरस्कार के. जी. एस. सर्वोदय हाईस्कूल (मालाड) ने जीता संयोजक श्री प्रमोद गोयल ने बतलाया।

प्रतियोगिता के लिए निर्णायक के रूप मे श्रीमती पुष्पा अग्रवाल, श्रीमती सरोज माहेश्वरी एवं श्री जे. सी. भारवानी ने अपनी सेवाएँ प्रदान की तथा सभी छात्र/ छात्राओं की प्रस्तुति की और उनका उत्साह बढ़ाया। संस्था के अध्यक्ष/ट्रस्टी श्री शरण पी. खन्ना, मानक मंत्री/ट्रस्टी श्री राजेंद्र अग्रवाल, संयुक्त मंत्री/ ट्रस्टी श्री कानबिहारी अग्रवाल, कोषाध्यक्ष/ ट्रस्टी श्री धनप्रकाश जैन, संयोजक श्री अनिल अग्रवाल, श्री शिवप्रसाद खटोर,श्री प्रमोद गोयल,श्री देवेंद्र अग्रवाल, श्री अशोक अग्रवाल, श्री सतीशचंद्र माहेश्वरी,श्री कैलाश अग्रवाल, पं.दयाशंकर त्रिपाठी, श्री रामचंद्र वर्मा, श्री यादवेंद्र अग्रवाल,ॲड.आर.बी. गुप्ता, तथा विद्यालय से लगबग १० शिक्षकगण एवं कुछ अभिभावकोने पधारकर आयोजन को गरिमापूर्ण बनाया। संयोजक श्री शिवप्रसाद खटोर ने प्रतियोगिता के लिए दोपहर एवं सायंकाल के अल्पाहार की व्यवस्था की। विजेता प्रतियोगिता छात्र/ छात्राओं को अतिथि एवं पूर्व नगरसेवक श्री शरद पेटीवाला के कर कमलों से पुरस्कार दिए गए। अंत मे संयोजक श्री अनिल अग्रवाल ने सभी का आभार व्यक्त किया तथा प्रसाद ग्रहण कर प्रतियोगिता का समापन हुआ।



संगीतम चैरिटेबल ट्रस्ट के सौरभ दफ्तरी द्वारा आयोजित 5 वाँ रेहमतें म्यूजिक कॉन्सर्ट का आयोजन सायन के षणमुखानंद हॉल में संपन्न हुआ

संगीतम चैरिटेबल ट्रस्ट के सौरभ दफ्तरी द्वारा आयोजित 5 वाँ रेहमतें म्यूजिक कॉन्सर्ट का आयोजन सायन के षणमुखानंद हॉल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर शान, हरिहरन, अंकित तिवारी और अनुप जलोटा ने बेहतरीन परफॉर्मेंस दिया। इस अवसर पर संगीत से जुड़े - चंद्रकांत निंबालकर, उषा रेगे, रागिनी जुहारी, विनोद भट्ट, रविंद्र रावल, मधु माधलकर, दीपक भोरापकर और अन्य को संस्ता की ओर से आर्थिक मदद दिया गया। यह संस्था पिछले पांच सालों से संगीत बिरादरी से कलाकारों को वित्तीय सहायता प्रदान कर रहे है।

इस आयोजन में लेस्ली लुईस, सलीम मर्चेंट, सुरेश वाडकर, अभिजीत भट्टाचार्य, अल्का याज्ञिक, जतिन ललित, मदन पाल, ब्राइट आउटडोर के योगेश लखानी, महाराष्ट्र टुरिझम के प्रिन्सिपल सेक्रेटरी विजय कुमार गौतम सहित विशेष अतिथि भी शामिल हुए।

मुख्य अतिथि के रूप में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की पत्नी श्रीमती अमृता फडणवीस ने संगीतकारों के आवश्यकताओं के बारे में मुख्य बातें कही। जिन्हें मंच पर सम्मानित किया गया था उनके चेहरों पर मुस्कान देखने लायक थी। इस कार्यक्रम में मदन पाल लिखित एक पुस्तक भी रिलीज की गई। ई-बिज़ एंटरटेनमेंट इंडिया प्रा. लिमिटेड ने यह म्यूजिक कॉन्सर्ट होस्ट किया था।



लोढ़ा फाउंडेशन की ओर से संचालित महिला शिक्षा अभियान के तहत इस वर्ष 50 युवतियों ने अपनी ग्रेजुएशन की शिक्षा पूरी की

लोढ़ा फाउंडेशन की ओर से संचालित महिला शिक्षा अभियान के तहत इस वर्ष 50 युवतियों ने अपनी ग्रेजुएशन की शिक्षा पूरी की। लोढ़ा फाउंडेशन की अध्यक्ष श्रीमती मंजू लोढ़ा के साथ इस चित्र में दिखाई दे रही ये सारी युवतियां 8वीं - 9वीं तक पढ़ने के बाद घर पर बैठी थीं। लोढ़ा फाउंडेशन द्वारा उन्हें सहयोग करके आगे की पढ़ाई हेतु प्रेरित किया गया। पिछले साल भी इसली तरह कुल 50 लड़कियों को पढ़ाकर उनका ग्रेजुएशन पूरा कराया गया था। विद्यार्थी गुण गौरव समारोह में श्रीमती लोढ़ा ने इन सभी छात्राओं को सफल भविष्य की शुभकामनाएं दी।



विख्यात जैन मुनि तरुण सागर का 51 साल की उम्र में दिल्ली में निधन

विख्यात जैन मुनि तरुण सागर (Jain Muni Tarun Sagar) का निधन हो गया है। वे 51 साल के थे और पिछले कुछ दिनों से पीलिया से पीड़ित थे। जैन मुनि का एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था और उन्होंने दिल्ली के शाहदरा के कृष्णानगर में शनिवार, 1 सितम्बर 2018 को सुबह 3:18 बजे अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है उन पर दवाओं का असर होना बंद हो गया था। कहा यह भी जा रहा है कि जैन मुनि ने इलाज से इनकार कर दिया था, जिससे बीमारी बढ़ गई। जैन मुनि तरुण सागर का अंतिम संस्कार शनिवार, 1 सितम्बर 2018 को दोपहर 3 बजे दिल्ली मेरठ हाइवे स्थित तरुणसागरम तीर्थ पर होगा। उनकी अंतिम यात्रा दिल्ली के राधेपुर से शुरू होकर 28 किमी दूर तरुणसागरम पर पहुंचेगी।

जैन मुनि के गुरु पुष्पदंत सागर महाराज ने एक वीडियो जारी कर पहले ही बता दिया था कि तरुण सागर की हालत गंभीर बनी हुई है। उन्होंने इस संबंध में एक पत्र भी लिखा था, जिसमें मुनि सौरभ सागर और अरुण सागर से दिल्ली पहुंचकर तरुण सागर की समाधि में सहयोग करने के लिए कहा गया था। लंबे समय से बीमार चल रहे जैन मुनि ने खानापीना छोड़ दिया था और संलेखना (खानपान छोड़कर शरीर त्यागना) कर रहे थे। वो आगे इलाज भी नहीं कराना चाहते हैं। उन्होंने डॉक्टरों से दिल्ली के कृष्णा नगर स्थित राधापुरी जैन मंदिर चातुर्मास स्थल पर जाने को कहा था, जिसके बाद वे अपने अनुयायियों के साथ गुरुवार शाम चातुर्मास स्थल आ गए थे।

जैन मुनि तरुण सागर अपने कड़वे प्रवचनों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते थे। जैन मुनि (Jain Muni Tarun Sagar) का जन्‍म मध्य प्रदेश के दमोह में 26 जून, 1967 को हुआ था। पिता का नाम प्रताप चंद्र और मां का नाम शांतिबाई था। जैन मुनि तरुण सागर ने आठ मार्च, 1981 को घर छोड़ दिया और छत्तीसगढ़ में दीक्षा ली थी।