Organization | Hindustan Chamber of Commerces, Mumbai

संक्षिप्त परिचय - सन् 1897 में स्वदेशी वस्त्र व्यापार की हितरक्षा के उद्देश्य से इस संस्था की स्थापना हुई। तब से लेकर आज तक यह संस्था व्यापार के संरक्षण और संवर्धन में प्रमुख भूमिका निभा रही है। इस चेम्बर का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। व्यवसाय की समस्यायों के निराकरण में इसे ढ़ेरों उपलब्धियाँ हासिल हुई हैं। राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी, बाबू डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, राजर्षि पुरूषोतमदास टंडन, आचार्य कृपलानी, मोरोरजी देसाई, आर. वेंकटरमण, अटल बिहारी वाजपेयी समेत कई महापुरूषों के आतिथ्य का गौरव इसे प्राप्त हो चुका है। वर्ष 1997 में अत्यंत भव्यतापूर्वक आयोजित संस्था के शताब्दी महोत्सव का उद्धाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री एच.डी. देवेगौडा के कर कमलों से हुआ। चेम्बर को वर्ष 1999 एवं 2003 में दो बार अत्यंत प्रतिष्ठित ‘जमनालाल बजाज उचित व्यवहार पुरस्कार’ से सम्मानित किया जा चुका है।

चेम्बर का प्रमुख उदेश्य कपड़ा व्यापार के लिए अनुकूल वातावरण बनाए रखने हेतु प्रयास करना एवं व्यापारियों के बीच आपस में मैत्री व सहयोग की भावना को बढ़ावा देना है। व्यापार के हित में चेंबर द्वारा किये जाने वाले प्रमुख कार्य निम्न है –

चेम्बर की आरबिट्रेशन प्रणाली

व्यापारिक विवादों का शीध्र, सस्ता एवं सुगम निपटारा करने एवं व्यापारियों को कोर्ट की परेशानियों से बचाने के उद्देश्य से चेम्बर में आरबिट्रेशन प्रणाली के माध्यम से प्रतिवर्ष करोड़ो रूपयों के मामलों का निपटारा किया जाता है। चेम्बर का योग्य एवं अनुभवी आरबिट्रेटर्स तथा प्रिसाइडिंग आरबिट्रेटर्स पैनल अपनी निष्पक्षता एवं न्यायप्रियता के लिए मशहूर है। चेम्बर द्वारा दिए गये निर्णय उच्चतम न्यायालय तक मान्य हुए है।

आप इस उपयोगी सेवा का लाभ उठा सकते हैं बशर्ते आपके कॉन्ट्रेक्टं व बिलों में निम्न शर्त स्पष्टता एवं प्रमुखता से अंकित हो -
“यदि इस सौदे के बारे में कोई विवाद उपस्थित हुआ तो उसका फैसला हिन्दुस्तान चेम्बर ऑफ कॉमर्स, मुम्बई द्वारा उसके आरबिट्रेशन संबंधी नियमों के अंतर्गत कराना होगा एवं उसमें दिया गया अवार्ड दोनों पक्षों पर बंधनकारी होगा” एवं “सिर्फ मुम्बई न्यायक्षेत्र के अधीन”
(If Any Dispute Arises About This Transaction, The Same Shall Have To Be Referred To The HINDUSTAN CHAMBER OF COMMERCE, Mumbai For Decision Under Its Arbitration Rules And Award Made There Under Shall Be Binding Upon The Parties & ‘Subject To Mumbai Jurisdiction Only.’)

राष्ट्रीय संकट एवं प्रकृतिक आपदाओं में योगदान

किसी भी राष्ट्रीय संकट एवं प्राकृतिक आपदा के समय संस्था सदैव सक्रिय योगदान करती रही है। कारगिल संकट, गुजरात एवं लातुर भूकंप, सुनामी, उड़ीसा का चक्रवात, बाढ़, सूखा, दंगा अर्थात् हर विपत्ति में चेम्बर ने आगे बढ़कर मानव सेवा के कार्य किये हैं। लातूर में हिन्दुस्तान चेम्बर हॉस्पिटल, गांधीधाम में दो स्कूल भवनों के निर्माण, बिहार के बाढ़ पीड़ितों हेतु दस मकानों के निर्माण चेम्बर की सेवा भावना के प्रतीक हैं।

चेम्बर के विशिष्ट उपक्रम

मारवाड़ी कमर्शियल हाई स्कूल एवं जुनियर कॉलेज - चेम्बर द्वारा वर्ष 1916 में स्थापित यह विद्यालय महानगर के हिन्दी एवं अग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में प्रमुख स्थान रखता है। आज 2000 से भी अधिक छात्र-छात्राएं इसमें विद्यार्जन कर रहे हैं।
हिन्दुस्तान चेम्बर चिकित्सालय - सदस्यों, उनके कर्मचारियों एवं जनसाधारण को स्वास्थ्य संबंधी राहत पहुँचाने के उद्देश्य से चेम्बर द्वारा 1960 में ‘हिन्दुस्तान चेम्बर चिकित्सालय’ की स्थापना की गई। इसमें एलोपैथिक, आयुर्वेदिक एवं होमियोपैथीक पद्धतियों से अत्यंत रियायती दरों पर चिकित्सा की उत्तम व्यवस्था की गई है। समय-समय पर ब्लड़ डोनेशन कैम्प आयोजित कर उसमें एकत्रित ब्लड जरूरतमंदों को निःशुल्क दिया जाता है। गंभीर बीमारियों से पीड़ित निर्धन लोगों को अस्पताल के नाम से इलाज हेतु आर्थिक सहायता दी जाती है।

चेम्बर की कार्यकारणी (2015 - 17)


हिन्दुस्तान चेम्बर ऑफ कॉमर्स द्वारा आयकर पर परिचर्चा के चित्रित झलकियाँ