Organization | Parmarth Seva Samiti, Mumbai

संक्षिप्त परिचय: दया, धर्म और परमार्थ इन मुख्य उद्देश्यों को ध्यान में रखकर 19 जुलाई 2008 को परम पूज्य महामंडलेश्वर स्वामी श्री विश्वेश्वरानंद जी एवं परम पूज्य स्वामी श्री गिरिशान्द जी महाराज की मुख्य उपस्थिति में परमार्थ सेवा समिति की स्थापना की गई। इस संस्था ने विगत पाँच वर्षो से जाति, धर्म, संप्रदाय आदि का भेदभाव किए बिना समाज के विभिन्न वर्गो के कल्याण हेतु अनेक समाजिक, धार्मिक, शौक्षणिक, चिकित्सा आदि शिविरों का आयोजन करती आ रही है। फलस्वरुप इस संस्था का नाम आज मुम्बई के अग्रणी संस्थाओं में लिया जाता है। समाज कल्याण हेतु संस्था ने जरुरतमंद छात्रों को आर्थिक सहायता, अपंग और विकलांगों की सहायता, अंधशाला, वृद्धाश्रम और गोशालाओं को आर्थिक सहयोग, दीन-दुखियों के लिए नियमित अन्नदान की व्यवस्था आदि अनेक कार्य करती आ रही है। चिकित्सा के क्षेत्र में संस्था ने अनेक जरुरतमंदों को विविध रुप में चिकित्सा एवं आर्थिक सहायता पहुंचा रही है। स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों खासकर किडनी, डायलेसीस, नेत्र जांच, रक्तदान आदि का आयोजन, कुपोषणग्रस्त बच्चों का इलाज, अपंगों को व्यील चेयर वितरण, एक्सरे, सोनोग्राफी आदि कार्यों को संस्थ द्वरा नियमित रुप से करायें जाते है। संस्था जनसंपर्क को बढ़ाने के उद्देश्य से ‘यूथ फॉर परमार्थ’ का गठन कर परमार्थ सेवकों का एक दल तैयार कर अधिक से अधिक लोगों के साथ युवाओं को भी समाजकार्यें के लिए प्रेरित करने का कार्य कर रही है। समाजसेवा, धर्म, साहित्य, पत्रकारिता, कला, खेलकुद आदि क्षेत्रों में उलेख्यनीय कार्य करने वालों को ‘परमार्थ रत्न’ से सम्मानित व पुरस्कृत कर उन्हें प्रोतसाहित करने का कार्य भी कर रही है। संस्कृति एवं संस्कार संवर्द्धन हेतु संस्था अनेक धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में व्यवहारिक तथा नैतिक ज्ञान साथ सेवा एवं प्रेमभावना का प्रचार-प्रसार कर रही है। इसके लिए सेवा के प्रतीक - हनुमान जयंती, प्रेम व निष्ठा का प्रतीक - राधाष्टमी, आनंद और अनुराग के प्रतीक होली उत्सव आदि का नियमित आयोजन करती है।


परमार्थ सेवा समिति, मुम्बई द्वरा महानगर में आयोजित होनेवाले विविध कार्यक्रमों की चित्रित झलकियाँ